नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने अब निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित आईसीयू बिस्तरों की संख्या कम करके 25 प्रतिशत कर दी। दिल्ली सरकार के इस निर्णय पर याचिकाकर्ता एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ने संतुष्टी जताते हुए याचिका वापस ले ली।
एसोसिएशन ने सरकार के 12 सितंबर 2020 के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 33 निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए 80 फीसदी आईसीयू बेड आरक्षित करने का आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति नवीन चावला के समक्ष पेश एसोसिएशन के वकील सान्याम खेत्रपाल ने कहा कि अस्पताल सरकार के 15 जनवरी के उस आदेश से संतुष्ट हैं, जिसमें कोविड-19 मरीजों के लिए आईसीयू में आरक्षित बिस्तरों की संख्या कम करके 25 प्रतिशत किए जाने का आदेश दिया गया है। ऐसे में याचिका वापस लेने की इजाजत प्रदान की जाए। अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
सरकार ने पेश रिपोर्ट में कहा है कि निजी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित आईसीयू बिस्तरों की संख्या घटाकर 25 फीसदी कर दी है। सरकार ने महामारी की स्थिति की समीक्षा करने के बाद आरक्षित बिस्तरों की संख्या को क्रमिक रूप से घटाया है। नवंबर, 2020 में कोविड -19 संक्रमण के रोजाना 8000 नए मामले सामने आ रहे थे, लेकिन अब इनकी संख्या कम हो रही है। एक फरवरी को 121 नये मामले सामने आए हैं।