उन्होंने बताया कि लोग डॉक्टरों व कर्मचारियों के ड्यूटी पर देर से आने से काफी परेशान थे। जांच के दौरान बायोमेट्रिक सिस्टम में मिली गड़बड़ी के आधार पर इन डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जनता को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मामले को लेकर भारद्वाज ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि दिल्ली में करीब 500 मोहल्ला क्लीनिक हैं। यहां प्रतिदिन लोगों को मुफ्त इलाज, मुफ्त दवाइयां दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि क्लीनिक के नियम अनुसार डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों को सुबह आठ बजे पहुंचना होता है और दोपहर दो बजे तक क्लीनिक में मौजूद रहना अनिवार्य होता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि सात क्लीनिक के संबंध में शिकायत मिली थी। इनमें पांच क्लीनिक दक्षिण पश्चिम जिला और एक मोहल्ला क्लीनिक उत्तर-पूर्वी जिला में हैं, जबकि एक अन्य मोहल्ला क्लीनिक शाहदरा जिले में स्थित है। उन्होंने बताया कि इन सभी मोहल्ला क्लीनिकों से उन सभी डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को निकाल दिया गया है, जिनके संबंध में मिली शिकायतें सत्य साबित हुई थी।