दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने सर गंगाराम अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अस्पताल पर आरोप है कि उसने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के मरीजों को भर्ती करने से इनकार किया है। हालांकि, अस्पताल ने इस तरह के आरोपों को गलत बताया है।
एक अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने दिल्ली नर्सिंग होम पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2011 की विभिन्न धाराओं के तहत उल्लंघन के लिए सर गंगा राम अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूर्व में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की श्रेणी के मरीजों की शिकायत थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा था, जबकि आरक्षित बिस्तर खाली थे। निदेशालय द्वारा पूछने पर अस्पताल ने सवालों के जवाब संतोषजनक नहीं दिए थे। दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उठाए गए सवालों का जवाब दिया जा रहा है। यदि किसी तरह की गलतफहमी है तो जल्द ही इसमें सुधार भी होना चाहिए।
वहीं, करोल बाग के आप विधायक विशेष रवि ने एक बयान में दावा किया है कि वह लंबे समय से दिल्ली डीजीएचएस के साथ इस मामले को उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल द्वारा ईडब्ल्यूएस मानदंडों का उल्लंघन को लेकर लगातार पत्र भी लिखा गया था। पत्र में ईडब्ल्यूएस रोगियों का उस स्थिति में भी भर्ती नहीं करना शामिल था, जब इस श्रेणी के रोगियों के लिए बड़ी संख्या में बेड खाली पड़े थे। ऐसे रोगियों को कोरोना का बहाना बनाकर इलाज से इंकार किया जा रहा था। उल्लेखनीय है कि सर गंगाराम अस्पताल 675 बिस्तरों के साथ दिल्ली के बड़े अस्पतालों में शामिल है।