उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों ने अब कोरोना टीकाकरण में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। टीकाकरण में शामिल डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ ने हिंदूराव अस्पताल की हड़ताल को समर्थन दिया है। साथ ही आगामी सोमवार से काम नहीं करने की जानकारी भी दी है।
शुक्रवार को हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। इस दौरान एमसीडी डॉक्टर एसोसिएशन ने बैठक के बाद घोषणा की है कि जब तक उन्हें वेतन नहीं मिलेगा और भविष्य में इस तरह की स्थिति का सही समाधान नहीं मिलेगा तब तक उनकी सेवाएं बाधित रहेगीं।
आपातकालीन चिकित्सा को छोड़ अन्य सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहेगीं। संगठन ने नगर निगम प्रशासन को आगामी रविवार तक का वक्त दिया है। सोमवार से सभी कर्मचारी मिलकर हड़ताल करने वाले हैं। इनके साथ नर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ ने भी काम बंद करने की घोषणा की है।
इन संगठनों का कहना है कि कोरोना टीकाकरण में शामिल सभी स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। अगर टीकाकरण आगे जारी रखना है तो कर्मचारियों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। उधर कर्मचारियों के बढ़ते प्रदर्शन को लेकर नगर निगम प्रशासन अभी भी खामोश है। निगम के अधिकारी और मेयर की ओर से अब तक स्वास्थ्य कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को लेकर कोई भी टिप्पणी नहीं की है। हालांकि इन्होंने दिल्ली सरकार से बजट न मिलने का हवाला जरूर दिया है।
दिल्ली सरकार से लेकर निगम तक सभी को मेल
एमसीडी डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आर आर गौतम का कहना है कि बीते सोमवार से हिंदूराव अस्पताल में रेजीडेंट डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हर साल निगम की ओर से वेतन को लेकर इस तरह की लापरवाही देखने को मिलती है लेकिन इस बार ठोस समाधान जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘हड़ताल पर जाना हमारी पसंद नहीं है लेकिन खुद अपने परिवार को दुखी रखना भी न्याय नहीं है। इस हड़ताल के लिए सरकारी सुस्त व्यवस्था जिम्मेदार है। नगर निगम से लेकर दिल्ली सरकार तक सभी को मेल करते हुए सोमवार से हड़ताल होने की सूचना दी जा चुकी है।’
डॉक्टरों पर बन रहा दबाव
हिंदूराव अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के अनुसार उन पर लगातार हड़ताल वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। निगम के अधिकारी और नेता अस्पताल प्रबंधन पर डॉक्टरों के खिलाफ आदेश निकालने का दबाव बना रहे हैं। संगठन के उपाध्यक्ष डॉ. अनीश चौधरी का कहना है कि बार बार बैठक में उनसे प्रदर्शन खत्म करने के लिए कहा जा रहा है।
वेतन की मांग पर अधिकारी लाचारी व्यक्त करते हुए कभी सरकार तो कभी फाइल आने में देरी जैसे हवाले दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा और खाली पदों पर नियुक्तियों के लिए ज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी।