फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली : पराली और प्रदूषण पर वार के लिए पड़ोसी राज्यों से चर्चा, तैयारी की समीक्षा

Fri, 24 Sep 2021 05:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने पराली को लेकर वायु गुणवत्ता आयोग की आगामी सर्दियों के लिए तैयार कार्ययोजना की समीक्षा के लिए राज्यों के साथ बैठक के बाद मीडिया से यह बात साझा की। 
विज्ञापन
पराली और प्रदूषण... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों का वातावरण सुधारने के साथा ही पराली संकट का हल निकालने के लिेए दिल्ली सरकार 4 हजार एकड़ में जैव अपघटन की तैयारी कर रही है। वहीं यूपी में 10 लाख एकड़ में पराली निस्तारण किया जाएगा। केंद्रीय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने पराली को लेकर वायु गुणवत्ता आयोग की आगामी सर्दियों के लिए तैयार कार्ययोजना की समीक्षा के लिए राज्यों के साथ बैठक के बाद मीडिया से यह बात साझा की। 

विज्ञापन


यादव ने कहा कि इसका मकसद आगामी सर्दियों में वायु प्रदूषण की मार से यूपी, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली को बचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार वायु प्रदूषण आयोग की ठोस कार्य योजना के चलते सार्थक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा वायु गुणवत्ता आयोग की कार्ययोजना की सफलता राज्यों के कार्यन्वयन पर निर्भर करती है।  

इस बैठक में वायु गुणवत्ता आयोग द्वारा पराली जलाने की सैटेलाइट निगरानी, धूल, निर्माण और विध्वंस और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कार्य योजना को लागू करने और राज्यों द्वारा इसका सख्ती से के साथ पालन करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा पराली के खेतों और खेतों से बाहर निस्तारण को लेकर व्यापक चर्चा की गई। इसमें खेतों में पराली को खत्म करने के लिए रसायन आधारित निस्तारण के लिए बायो डीकंपोजर और कृषि मंत्रालय के सहयोग से खेतों में ही मशीनों की मदद से  इसे निस्तारित करने की योजना है। 
विज्ञापन


इसमें वह वायु गुणवत्ता आयोग ने पंजाब, हरियाणा,  उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली द्वारा इस साल अनुमानित निस्तारण और इसकी विस्तृत निगरानी कार्ययोजना जारी की, जिसमें  पूसा की बायो डीकंपोजर तकनीक इस साल बड़े पैमाने पर लागू होगी। इसमें  हरियाणा के किसानों को एक लाख एकड़ भूमि पर इसका प्रयोग करने के लिए मुफ्त कैप्सूल दिए जाएंगे।  दिल्ली में चार हजार एकड़, उत्तर प्रदेश में 6.1 लाख एकड़, दस लाख कैप्सूल मुफ्त दिए जाएंगे। पंजाब को 7,413 एकड़ भूमि के लिए  बायो डीकंपोजर का इस्तेमाल किया जाएगा।                                                                                                                          
 इसके अलावा खेतों से बाहर पराली से इको-फ्रेंडली ईंट, गुजरात और राजस्थान ने पशु चारे के लिए पराली का प्रयोग शामिल है।  इसमें अन्य खाद्य पदार्थों के संयोजन के साथ  इसका प्रसंस्करण करके पशु आहार बनाया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि  वायु गुणवत्ता आयोग जिस उद्देश्य के लिए गठित किया गया था, राज्यों की कार्यप्रणाली से साबित हो रहा है कि वह अपेक्षाओं पर खरा उतर रहा है।  उन्होंने कहा कार्ययोजना के नतीजे राज्यों द्वारा  इस पर अमल करने बाद मिलने वाले  परिणामों से चलेगा। दिल्ली समेत समूचा एनसीआर हर साल अक्टूबर से लेकर नवंबर के  अंत तक भयंकर वायु प्रदूषण की मार झेलता है।          

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें