बुल्ली बाई एप के निर्माता नीरज बिश्नोई
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दिल्ली की अदालत ने शुक्रवार को 'बुल्ली बाई' एप मामले के मुख्य आरोपी और निर्माता नीरज बिश्नोई की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी ने समुदाय विशेष की महिलाओं के खिलाफ बदनामी का अभियान चलाया, जिसमें अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री मौजूद थी।
इससे पहले 'बुल्ली बाई एप' के मुख्य आरोपी को दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल की आईएफएसओ (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑप्स) यूनिट ने असम से गिरफ्तार किया था। आरोपी की पहचान जोरहाट, असम निवासी नीरज बिश्नोई (21) के रूप में हुई। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
नीरज ही बुल्ली बाई एप का मास्टरमाइंड
पुलिस का दावा है कि नीरज ही बुल्ली बाई एप का मास्टरमाइंड है। उसने ही गिटहब पर बुल्ली बाई एप को बनाया था। इसके बाद इसको प्रमोट करने के लिए ट्वीटर पर 'बुल्ली बाई अंडर स्कोर' नाम से ट्विटर अकाउंट बनाया। बाद में इसे सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा शेयर कर दिया गया। इसके पास से मिले मोबाइल और लैपटॉप से इसकी पुष्टि हो गई थी। आरोपी को गिरफ्तार कर हवाई जहाज से दिल्ली लाया गया था। इसके बाद इसे कोर्ट में पेश किया था। पुलिस इस मामले में और भी कई गिरफ्तारी कर चुकी है।
असम के जोरहट से किया गिरफ्तार
स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट के पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि 'बुल्ली बाई एप' मामले में टेक्निकल सर्विलांस और आईपीडीआर (इंटरनेट प्रोटोकोल डिटेल रिकोर्ड्स) की जांच की। छानबीन में पता चला कि आरोपी असम में मौजूद है। बुधवार सुबह फौरन एक टीम को असम भेजा गया। वहां लोकल पुलिस की मदद से आरोपी की पहचान शुरू की गई। बुधवार देर शाम उसके ठिकाने की पहचान कर ली गई। इसके बाद गुरुवार तड़के टीम ने आरोपी नीरज बिश्नोई को दिगंबर, जोरहाट, असम इलाके से दबोच लिया।