मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से घबराने व डरने की कोई जरूरत नहीं, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की जरूरत। कोशिश कम प्रतिबंध लगाने की है, ताकि लोगों की रोजी-रोटी और रोजगार चलता रहे। कोरोना संक्रमण से ठीक हुए मुख्यमंत्री सोमवार को डीडीएमए के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की नसीहत दी है। पूर्ण लॉकडाउन के आशंका के बीच मुख्यमंत्री ने साफ किया कि लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते। लेकिन इसके लिए मास्क पहनना होगा। समाजिक दूरी का पालन करना होगा। लॉकडाउन लगाने की कोई मंसा सरकार की नहीं है।
कोरोना संक्रमण से ठीक हुए मुख्यमंत्री ने डिजिटल प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली समेत पूरे देश में कोरोना बहुत तेजी से बढ़ रहा है। फिर भी घबराने और डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन मास्क पहनना और सोशल डिस्टेसिंग बहुत जरूरी है। हमारी कोशिश कम से कम प्रतिबंध लगाने की है, ताकि लोगों की रोजी-रोटी और रोजगार चलते रहें। सोमवार को डीडीएमए की बैठक में मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पिछली लहर की तुलना में इस बार मौत भी कम हो रही है और लोगों को अस्पताल भी काफी कम जाना पड़ रहा है। पिछले लहर की तुलना करते हुए कहा कि शनिवार को दिल्ली में 20 हजार केस आए और 7 मौतें हुई, जबकि करीब 1500 बेड भरे हुए हैं। वहीं 7 मई 2021 को भी 20 हजार केस आए थे, तब 341 मौतें हुई थीं और 20 हजार बेड भरे हुए थे। यह भी जोर देकर कहा कि जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाया है, वे जरूर वैक्सीन लगवा लें।
कोरोना से ठीक होकर अब मैं वापस आप सब की सेवा में हाजिर हूं:मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मुझे भी कोरोना हो गया था और लगभग 7-8 दिन तक होम आइसोलेशन में रहा। सब की खूब दुआएं और आशीर्वाद मिला। सभी की शुभकामनाएं आ रही थीं। शुभकामना देने के लिए सभी को दिल से शुक्रिया। बताया कि करीब दो दिन बुखार रहा, उसके बाद लगातार ठीक होता गया। लेकिन कोविड के प्रोटोकाल के हिसाब से 7-8 दिन होम आसोलेशन में रहा। अब मैं वापस सब की सेवा में हाजिर हूं।
आज 22 हजार केस आने की आशंका
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोरोना की रफ्तार बहुत ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। उसको लेकर हमेशा चिंतित था। होम आइसोलेशन में होने पर भी फोन पर लगातार दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री,अधिकारियों और मुख्य सचिव समेत सभी से संपर्क में था। जिस तरह से दिल्ली में कोरोना की गति बढ़ रही है और इसकी रोकथाम को लेकर जो-जो इंतजाम किए जा रहे हैं, उस पर नजर बनाए हुए था। कोविड संक्रमण की रफ्तार दिल्ली में ज्यादा तेज है। आज 22 हजार नए केस आने की आशंका है। घबराने की जरूरत नहीं है।
इस लहर मौतें भी कम हो रहीं, अस्पताल भी काफी कम जाना पड़ रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल 2021 में जो कोरोना की पिछली लहर आई थी, उसमें 7 मई को करीब इतने ही केस आए थे। लेकिन 7 मई को 341 मौतें हुई थीं। इसकी तुलना में बीते दिन 20 हजार केस तो थे लेकिन मौत 7 लोगों की हुई। हालांकि एक भी मौत नहीं होनी चाहिए। पिछले साल 20 हजार बेड भरे हुए थे। इस लहर में महज 1500 बेड केवल दिल्ली में भरे हुए हैं। यह डेटा इसलिए बताया कि घबराने और डरने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन जिम्मेदारी के साथ काम करने की जरूरत है।
सभी ने किया सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से लगातार संपर्क में हैं। केंद्र सरकार से भी पूरा सहयोग मिल रहा है। उपराज्यपाल, दिल्ली सरकार के अधिकारी सब लोग मिलकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पिछले साल अप्रैल में आई कोरोना की खतरनाक लहर पर पार पा लिया। इस लहर पर भी हम लोग पार पा लेंगे। चिंता करने की जरूरत नहीं है।