समय पर इलाज से बचाई तीनों मरीजों ने जान
गंगाराम अस्पताल के आंतरिक चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ अतुल गोगिया ने बताया कि उनके यहां हाल ही में तीन मरीज रक्तस्त्राव से जुड़े आए हैं। इनके पेट और मांसपेशियों में रक्तस्त्राव हुआ है। इनकी आयु 30 से 60 वर्ष के बीच है। मरीजों में पेट में दर्द के साथ डेंगू की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि समय पर निदान और उचित समय पर सहायक उपचार ने मरीजों की जान बचाई।
पहला मामला 2001 में मिला था
उन्होंने बताया कि डेंगू में मांसपेशी हेमेटोमा (रक्तस्त्राव) होना बहुत दुर्लभ है। डेंगू रोगी में मांसपेशी हेमेटोमा के लिए पहला मामला साल 2001 में प्रकाशित हुआ था और उसके बाद इस समस्या पर छिटपुट मामले मिल चुके हैं लेकिन इस सीजन में यह पहली बार देखने को मिल रहा है।