जांच में पता चला कि आरोपी ने संपत्ति बेचने के दौरान शिकायतकर्ता को बताया कि उसने प्रॉपर्टी को केनरा बैंक में गिरवी रखकर 4.12 करोड़ का व्यक्तिगत लोन लिया था, जिसे चुका दिया गया है। लेकिन आरोपी ने अपनी कंपनी सूर्यांश हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर 20.22 करोड़ का लोन लिया था, जिसकी जानकारी शिकायतकर्ता से छुपा ली थी।
इतना ही नहीं जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी ने संपत्ति को फरवरी 2017 में बेच दिया था लेकिन तथ्यों को छुपाकर जनवरी 2018 में उसने डीएमआरसी को पत्र लिखकर लीज समझौते को अपने नाम से बढ़वाकर किराए ले रहा था। जांच में संलिप्तता पाए जाने के बाद उप निरीक्षक अश्वनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी विनोद कुमार शर्मा को 13 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया।