प्रदेश भाजपा ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई है। कहा है कि दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट में वादा करके भी प्रदूषण की रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम उठाने में असमर्थ रही है। प्रदेश सरकार प्रदूषण के कारणों को ढूंढने तक में नाकाम रही है। जबकि बिना कारण जाने इस समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि जब दिल्ली सरकार न्यायालय से झूठ बोल सकती है तो उससे किसी भी तरह की उम्मीद रखना बेईमानी है। सरकार केवल स्कूल-कॉलेज बंद कर प्रदूषण को नियंत्रण में करने जैसी खोखली बातें कर रही है। जबकि वास्तविकता ये है कि प्रदूषण रोकथाम के लिए जो उचित कदम उठाने चाहिए वह अभी तक नदारद हैं।
गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने एंटी डस्ट अभियान चलाने को कहा था। इसे लेकर कई दलों का गठन किया गया था। 50 नए पर्यावरण इंजीनियर की भर्ती की गई थी। ग्रीन वॉर रूम बना था। पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट की कड़ाई से जांच करने के लिए 500 दलों का गठन करने की घोषणा हुई थी।
उन्होंने कहा कि ये योजनाएं और घोषणाएं दिल्ली के प्रदूषण के सामने बौना साबित हो गईं। प्रदूषण से निपटने के लिए भाजपा दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है, लेकिन अरविंद केजरीवाल तैयार नहीं हैं। वे भाजपा के प्रतिनिधिमंडल से भी बात करने के लिए राजी नहीं हैं।