नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शिक्षिका साक्षी आहूजा की करंट लगने से मौत के बाद अब न्यू फ्रेंडस कॉलोनी (एनएफसी) में करंट लगने से किशोर सोहेल (17) की मौत होने का मामला सामने आया है। किशोर बेंगलुरु से जामिया नगर स्थित मामा के घर रहने आया था। दो दिन पहले हुई बारिश में बिजली का तार टूटकर पानी में गिर गया। इससे किशोर की मौत हो गई। एनएफसी थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। बुधवार शाम तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में व्यक्तिगत लापरवाही होने की बात सामने आ रही है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मूलरूप से पश्चिमी बंगाल का रहने वाला सोहेल बेंगलुरू में रहता था। सोहेल के मामा 521, इंदिरा कैंप एनएफसी में रहते हैं और चाचा सीमापुरी में। सोहेल करीब डेढ़ माह पहले बेंगलुरु से दिल्ली मामा के पास घूमने के लिए आया था। सोहेल के रिश्तेदार ने बताया कि वह दिनभर अपने मामा के घर रहता था, लेकिन रात को सोने के लिए जमाल के घर आ जाता था।
शनिवार रात को भी वह जमाल के घर सोने के लिए आया था। रविवार सुबह करीब पांच बजे नींद खुलने पर सोहेल अपने मामा के घर जाने के लिए निकल पड़ा। जमाल के घर के बाहर गली में बारिश का पानी भरा हुआ था। सोहेल कुछ दूर चलने के बाद पानी में उतर गया। वहां बिजली का तार पानी में गिरा था, जिसके चलते वह करंट की चपेट में आकर गिर गया। शोर सुनकर लोग मौके पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
करंट लगने की घटनाएं दोबारा न हों : सौरभ भारद्वाज
खुले तारों से करंट लगने की हालिया घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए बिजली मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बिजली विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, अन्यथा इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को बारिश के बीच नई दिल्ली रेलवे स्टेशन परिसर में गलती से बिजली के तार के संपर्क में आने से साक्षी आहूजा (34) की मौत हो गई थी। एक अन्य घटना में उसी दिन दक्षिण पूर्वी दिल्ली के तैमूर नगर में बिजली का झटका लगने से 17 वर्षीय लड़के की मौत हो गई थी।
बुधवार को सौरभ भारद्वाज ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि एक ऑटो चालक ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर खंभे (जहां घटना हुई) के पास एक बोर्ड से बिजली के तार खुले होने की शिकायत की थी। लेकिन बिजली विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, एमसीडी और बिजली विभाग जैसी सभी नागरिक एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि ऐसी घटना दोबारा न हो।