फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में कोरोना : कोविड प्रतिबंधों को लेकर डीडीएमए की समीक्षा बैठक आज, फिर लागू होंगी कुछ पाबंदियां

Wed, 20 Apr 2022 10:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

कोरोना संक्रमण दर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए मास्क के उपयोग, स्कूल को हाईब्रिड मोड में खोलने पर चर्चा होगी। दिल्ली के उपराज्यपाल की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अस्तपालों की तैयारी पर भी चर्चा होगी।
विज्ञापन
Double mask - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है। संक्रमण दर में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। इसे देखते हुए बुधवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की समीक्षा बैठक होनी है। मौजूदा हालात को देखते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक होगी और कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार व कोविड प्रतिबंधों के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा सकते हैं। 

विज्ञापन


आधिकारिक सूत्रों के अनुसार समीक्षा बैठक में इस बात की चर्चा हो सकती है कि मास्क को अनिवार्य उपयोग में लाया जाए या नहीं। भीड़ वाले इलाकों में मास्क नहीं पहनने वालों पर कितने का चालान तय किया जाए। इसके साथ ही स्कूल में मास्क का उपयोग व ऑफलाइन और ऑनलाइन शिक्षण के हाइब्रिड मोड पर चर्चा होगी। साथ ही समाजिक दूरी और अस्पताल की तैयारियों पर भी समीक्षा बैठक में चर्चा होगी। संभव है कि बैठक में अनिवार्य रूप से मास्क के उपयोग के सख्त कार्यान्वयन लागू करने का आदेश जारी किया जाए। इसी तरह बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ पर भी काबू पाने की पहल हो सकती है। 

समीक्षा बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि कोरोना संक्रमण के शिकार हो रहे बच्चों की संख्या बढ़ने पर क्या एहतियात बरता जाए। गर्मी की छुट्टी होने तक स्कूलों को खोला जाए या इसके पहले पाबंदी लगाई जाए। हालांकि अभी दिल्ली में तुरंत कोई परिवहन और आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना नजर नहीं आ रही है। 
विज्ञापन


उधर दिल्ली सरकार ने भी कहा कि पहले ही इसे लेकर एक एडवाइजरी स्कूलों को जारी की गई है कि कोरोना संक्रमण बढ़ने और इसके संक्रमित होने की स्थिति में क्या कदम स्कूल प्रशासन को उठाना है। सरकार ने यह भी कहा है कि संक्रमण दर दिल्ली में जरूर बढ़ रहा है लेकिन हमने 100 प्रतिशत टीकाकरण किया है। बहुत सारे अस्पताल में मरीज भर्ती नहीं हैं। इस वजह से अभी दिल्ली में चिंताजनक स्थिति नहीं है। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 छठी लहर की दस्तक के बाद भी जीनोम सीक्वेंसिंग तेज नहीं
कोरोना की छठी लहर दस्तक के बाद दिल्ली में जीनोम सीक्वेंसिंग जांच में तेजी नहीं आई है। राजधानी के लोकनायक और आईएलबीएस अस्पताल में जीनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा है लेकिन ओमिक्रॉन लहर निकलने के बाद से यहां जांच में तेजी नहीं आई है। 

जानकारी मिली है कि दोनों ही अस्पताल अभी एक दिन में औसतन आठ से 10 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग कर पा रहे हैं। लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हाल फिलहाल में जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाने को लेकर उन्हें कोई निर्देश नहीं मिला है। इसी तरह की पुष्टि वसंतकुंज स्थित आईएलबीएस अस्पताल के डॉक्टरों ने की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग से जानकारी मिली है कि डीडीएमए की बैठक के बाद जीनोम सीक्वेंसिंग को लेकर निर्देश जारी किए जा सकते हैं। 

लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि बीते एक महीने में उनके यहां करीब 35 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की हुई है। इनमें लगभग सभी नमूनों में ओमिक्रॉन वेरिएंट की पुष्टि हुई है। जबकि तीन महीने पहले तक दिल्ली में सबसे अधिक डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि हो रही थी। 

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन दोनों अस्पतालों के अलावा केंद्र सरकार के आईजीआईबी और एनसीडीसी लैब में भी जीनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा है लेकिन बीते कुछ माह से यहां जांच के लिए नमूने नहीं भेजे गए हैं। चूंकि जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह से निगरानी का हिस्सा है। इसलिए कोरोना संक्रमण में कमी आने के साथ ही सीमित नमूनों की सीक्वेंसिंग की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें