डीडीए आगामी वर्ष के दौरान नरेला, द्वारका और रोहिणी उपनगरों में सड़क, सीवरेज, जलापूर्ति, बिजली लाइन और जल निकासी सहित भूमि और भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास पर कार्य करेगा। इसके अलावा उसका आवास की कमी दूर करने के लिए योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रहेगा। एयरपोर्ट की पानी निकासी की योजना और पर्यावरण में सुधार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाएगा। डीडीए ने इन सभी योजनाओं को मंगलवार को अपना बजट पास करने के दौरान किया।
उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में डीडीए ने चौतरफा विकास करने वाला बजट प्रस्तुत किया किया। डीडीए ने वर्ष 2022-23 में 7933 करोड़ रुपये व्यय और 7943 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान लगाया गया है। बजट के प्रावधानों के अनुसार डीडीए आगामी वर्ष के दौरान एनएचएआई के साथ शहरी विस्तार सड़क-दो के निर्माण पर कार्य करेगा।
यह सड़क द्वारका, रोहिणी, नरेला के उप शहरों और दिल्ली के बाकी हिस्सों और पड़ोसी राज्यों के साथ प्रस्तावित लैंड पूलिंग क्षेत्रों को जोड़ेगी। इससे दिल्ली की सड़कों पर यातायात कम होगा और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। इस योजना पर 7700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डीडीए ने पर्यावरण की रक्षा के लिए द्वारका उपनगर में 560 करोड़ रुपये की परियोजना लागत सेबनाए जा रहे प्रतिष्ठित भारत वंदना पार्क के लिए 280 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, 928 करोड़ रुपये की लागत से यमुना नदी के बाढ़ के मैदानों का कायाकल्प किया और 10 अलग-अलग योजनाओं के रूप में चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। बजट 35.77 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है।
आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2543 करोड़
डीडीए ने आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2543 करोड़ रुपये की आवंटन राशि प्रदान की। इस राशि से द्वारका और नरेला में कई आवासीय योजनाएं पूरी होंगी। इसके अलावा डीडीए ने ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट नॉर्म्स के आधार पर मिश्रित भूमि उपयोग के साथ कड़कड़डूमा में पूर्वी दिल्ली हब परियोजना का एकीकृत विकास कर रहा है। इसके पहले चरण में 1168 करोड़ रुपये की लागत से 1524 आवास का निर्माण शामिल है। वर्ष 2022-23 में इस योजना के लिए 426 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
एयरपोर्ट पर जलभराव नहीं होगा
डीडीए ने सेक्टर-8 द्वारका में सीवेज वाटर ड्रेन के निर्माण के लिए वर्ष 2022-23 में 47.49 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इस योजना के पूरा होने पर एयरपोर्ट से पानी की निकासी हो सकेगी और बागवानी के लिए ड्रेन वाटर को पुन: उपयोग में लाने के लिए ट्रंक ड्रेन नंबर 2 और ट्रंक ड्रेन नंबर 5 का विकास व पुनरुद्धार होगा। इस योजना से हर बार भारी वर्षा होने पर आईजीआई एयरपोर्ट पर पानी जमा होने की समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।