वीआईपी मोबाइल नंबर दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने मुंबई से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अब तक 100 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुका है। वह एक निजी कंपनी की फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल करता था।
आरोपी के कई बैंक खातों को पता लगा है। दो बैंक खातों में एक करोड़ 15 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन का पता लगा है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान थाने, मुंबई निवासी अमान जहीर दांडेकर(22) के रूप में हुई है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार साकेत में प्रॉपर्टी किराए पर दिलाने वाली कंपनी ब्लू लीफ है। इसके मालिक के पास वीआईपी मोबाइल नंबर लेने का मैसेज आया। मालिक ने मैसेज मैनेजर राजकुमार को भेज दिया और वीआईपी मोबाइल नंबर खरीदने के लिए कहा। राजकुमार ने मैसेज में दिए गए मोबाइल नंबर पर बात की तो आरोपी ने खुद को एयरटेल का प्रतिनिधि बताया। उसने वीआईपी मोबाइल नंबर देने के लिए दो लाख 10 हजार रुपये मांगे। उसने पेमेंट ऑनलाइन मांगी। राजकुमार ने उससे इनवाइस (बिल) मांगा।
आरोपी ने उसे एयरटेल से मिलती-जुलती साइट से इनवाइस नंबर भेज दिया। इसके बाद राजकुमार ने उसे ऑनलाइन 2 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद राजकुमार ने इससे एक लाख 31 लाख में दो मोबाइल नबर और खरीद लिए। पेमेंट लेने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। राजकुमार की शिकायत पर साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्जकर थाना प्रभारी अरुण वर्मा की देखरेख में हवलदार रामवीर की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने जांच के बाद अमान जहीर दांडेकर को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया।
नोट पर स्याही लगने की बात कहकर 28 हजार ठगे
एनआईटी-2 स्थित केनरा बैंक में व्यवसायी जगदीश चंद से नोट पर स्याही लगने की बात कहकर 28 हजार रुपये ठग लिए। थाना कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। एनआईटी-3 निवासी जगदीश चंद ने पुलिस को बताया कि उसका कपड़ों का कारोबार है। 31 मई को एनआईटी-दो स्थित केनरा बैंक से पैसे निकालने गया था। उसने 1.10 लाख रुपये निकाले। बैंक में उनके पीछे दो युवक पहले से खड़े थे।