दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मामले का संज्ञान लिया है। मालीवाल ने कहा कि उन्होंने पीड़िता के सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लिया और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए मेट्रो पुलिस उपायुक्त को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने पुलिस से मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी के साथ घटना की एफआईआर की कॉपी और सीसीटीवी फुटेज की एक कॉपी मांगी है। इसके अलावा आयोग ने कथित तौर पर पीड़िता की मदद नहीं करने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है।
सीआईएसएफ कर्मी से मांगी थी मदद
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़िता ने घटना के बाद पुलिसकर्मी से नहीं, बल्कि सीआईएसएफ के जवान से मदद मांगी थी। युवती का आरोप है कि प्लेटफार्म पर मौजूद जवान ने उसकी मदद नहीं की, जबकि ऊपर मौजूद जवान से सीसीटीवी से आरोपी की पहचान की लेकिन उसे पकड़ने के लिए कोई पहल नहीं की।
छह मिनट में घटना को अंजाम देकर फरार हो गया आरोपी फुटेज में पता चला कि पीड़िता जोरबाग स्टेशन के प्लेटफार्म पर 1.50 पर उतरी थी। उसके साथ ही आरोपी प्लेटफार्म पर उतरा और पता पूछने के बहाने सीढ़ी पर बैठी पीड़िता के पास पहुंचा।
छह मिनट के दौरान उसने युवती से बात की और उसके साथ अश्लील हरकत की। 1.56 बजे पीड़िता ने प्लेटफार्म पर मौजूद सुरक्षाकर्मी से गुहार लगाई, लेकिन मदद नहीं मिलने पर वह वहां से ऊपर की तरफ भागी और अन्य सुरक्षाकर्मी से मदद मांगी।
पहले भी एक महिला से हुई थी छेड़छाड़
फरवरी 2020 में एक महिला ने आरोप लगाया था कि दिल्ली मेट्रो ट्रेन के अंदर एक व्यक्ति द्वारा उसे परेशान किया गया था। महिला ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि जब वह रात में मेट्रो से गुरुग्राम लौट रही थी, तभी उसके सामने एक व्यक्ति ने अपने निजी अंगों के साथ अश्लील हरकत की थी। महिला ने आरोपी का फोटो ले लिया था। पुलिस ने उस मामले की जांच करते हुए इंजीनियर को गिरफ्तार किया था।
थाना प्रभारी ने गुरुग्राम जाकर लिए बयान
मेट्रो पुलिस का कामकाज देख रहे रेलवे पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए पीड़िता के बारे में जानकारी मिलने के बाद मेट्रो पुलिस ने तुरंत युवती से उसकी जानकारी मांगी। पीड़िता से संपर्क होने के बाद आईएनए मेट्रो थाना प्रभारी ने पीड़िता के गुरुग्राम स्थित घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया और मामला दर्ज किया। जांच के लिए पुलिस की दो टीम गठित कर दी गई हैं।
महिला सुरक्षा के मामले में दिल्ली मेट्रो बेहद गंभीर
महिला सुरक्षा के मुद्दे को डीएमआरसी बेहद गंभीरता से लेती है। अभद्र व्यवहार या यौन उत्पीड़न के मामलों के लिए कोई जगह नहीं है। दिल्ली मेट्रो के यात्रियों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जोरबाग में हाल ही में हुई घटना को सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष उठाया जा चुका है।
इस मामले की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। दिल्ली मेट्रो परिसर और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज पुलिस को साझा किए जा चुके हैं। अनुज दयाल, प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन)