रफ्तार कम होने की वजह से कुछ बदमाश ट्रेन में सवार हो गए। बदमाशों ने बोगी में कुलदीप से फोन लूट लिया। विरोध करने पर बदमाशों के साथ उसकी हाथापाई हो गई। हाथापाई के दौरान तीन बदमाशों ने उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। घायल होने के बावजूद सिपाही ने भाग रहे बदमाशों का पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। बदमाशों ने उसकी पिटाई कर दी और पेट में दो, सीने पर एक, गर्दन पर एक और पीठ में एक चाकू मारकर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया।
सिपाही को घायल करने के बाद बदमाश वहां से भागने लगे। इस दौरान ट्रेन निकल गई। लहूलुहान होने के बावजूद सिपाही बदमाशों का पीछा भाग रहा था। ट्रैक की देखभाल करने वाले कर्मचारियों की नजर घायल सिपाही पर पड़ी। उससे घटना के बारे में पूछताछ की। उधर सिपाही ने कर्मचारी की मदद से पुलिस और अपने परिचित को घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची।
पुलिस ने कुलदीप को बाड़ा हिंदुराव अस्पताल में भर्ती कराया। उधर परिवार वालों से घटना की जानकारी मिलने पर कुलदीप के प्लाटून कमांडर सुबेदार प्रेमपाल सिंह ने अपने जवानों को बाड़ा हिंदुराव अस्पताल भेजा और सिपाही को वहां से दिल्ली कैंट स्थित बेस अस्पताल में भर्ती कराया। सिपाही की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस रेलवे कर्मचारी के बयान पर लूटपाट का मामला दर्ज कर बदमाशों की पहचान करने में जुटी है।