राजपार्क इलाके में रूह को कंपा देने वाला मामला सामने आया है। पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने अपने नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर पड़ोसी के पांच साल के बच्चे को अगवा कर लिया। लेकिन एक दिन बाद ही बच्चे के शोर मचाने पर पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर दी। चार दिनों तक आरोपी बच्चे के शव के साथ कमरे में रहे और मौका पाकर उसके शव को कंबल में लपेटकर नाले के पास फेंक दिया। बृहस्पतिवार शाम बच्चे के शव मिलने के बाद पुलिस ने छानबीन कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया। बेटे की मौत के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम पुलिस को मंगोलपुरी चर्च के पास नाले के बाहर एक शव के कंबल लिपटे होने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कंबल में पांच साल के बच्चे का शव लिपटा था। शव दो तीन पुराना लग रहा था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे।
बच्चे की पहचान मंगोलपुरी टी ब्लॉक निवासी मोक्ष के रूप में हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोक्ष के पिता ई-रिक्शा चालक हरपाल ने एक अक्तूबर को बेटे की गुमशुदगी की शिकायत राजपार्क थाने में की थी। पुलिस बच्चे की तलाश कर रही थी। इसी दौरान बृहस्पतिवार शाम बच्चे का शव मिला।
पुलिस ने घटनास्थल के आस पास के सीसीटीवी कैमरे को खंगाला। जिसमें दो युवकों को कंबल में लपेट कर कुछ लाते हुए देखे गए। युवकों में से एक की पहचान बच्चे के पड़ोसी सुभाष के रूप में हुई। पुलिस ने सुभाष को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसमें उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके निशानदेही पर वारदात में शामिल नाबालिग को दबोच लिया। आरोपियों ने बताया कि रकम ऐंठने के लिए उनलोगों ने बच्चे को अगवा किया था।
पैस हैं नहीं तो देते कहां से
मोक्ष के पिता हरपाल को जब पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों ने रकम ऐंठने के लिए उसके बेटे को अगवा करने के बाद कही है तो उसने कहा कि उसके पास पैसे हैं नहीं तो देता कहां से। बेटे की मौत के बाद से घर में मातम पसरा हुआ है। मां का रो रो कर बुरा हाल है। हरपाल ने बताया कि उसे विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उसके पड़ोसी ने वारदात को अंजाम दिया है।
उसने बताया कि आरोपी जानता था कि वह ई-रिक्शा चलाते हैं और किसी तरह से अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। बावजूद उसने पैसे की चाहत में उसके बेटे की जान ले ली। स्थानीय लोग इस बात को लेकर काफी आश्चर्यचकित है कि आरोपियों ने बच्चे को अगवा करने के एक दिन बाद ही उसकी हत्या कर दी और शव को ठिकाने नहीं लगा पाने की स्थिति में बच्चे के शव के साथ चार दिनों तक उस कमरे में रहे।