हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को दंगों को भड़काने के लिए कथित नफरत फैलाने वाले भाषण में नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली हस्तक्षेप याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। भाजपा नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा और अभय वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और जांच की मांग को लेकर शेख मुजतबा की याचिका में हस्तक्षेप याचिका दायर की गई थी। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी की खंडपीठ ने कहा कि कार्यान्वयन आवेदन की अनुमति नहीं दी जा सकती। क्योंकि, आवेदक न तो एक उचित और न ही एक आवश्यक पक्ष है।