दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तीन कॉरिडोर के स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। लिफ्ट में पहली बार सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, तो करीब 65 फीसदी एस्केलेटर देश में निर्मित होंगे।
सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने एक और कदम बढ़ाया है। इसके तहत मेट्रो फेज-4 के तीन कॉरिडोर पर लिफ्ट और एस्केलेटर के पट्टे और रखरखाव के लिए करार किया है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजना के लिए पीपीपी मॉडल को पहली बार अपनाया गया है। मेसर्स जॉनसन लिफ्ट्स, चेन्नई शुरू में इसके लिए पूरी लागत का वहन करेगी।
लिफ्ट और एस्केलेटर का डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति, स्थापना और परीक्षण के बाद 15 साल के लिए रखरखाव का जिम्मा होगा। लिफ्ट पूरी तरह से स्वदेशी होंगी जबकि पहली बार एस्केलेटर भी 65 फीसदी तक स्वदेशी होंगे। अब तक भारी शुल्क के साथ दूसरे देशों से एस्केलेटर आयात किए जा रहे थे।
फेज-4 के जनकपुरी (पश्चिम)-आरके आश्रम मार्ग, मजलिस पार्क-मौजपुर और तुगलकाबाद-एयरोसिटी के लिए तीनों कॉरिडोर के लिए 179 लिफ्ट और 323 एस्केलेटर खरीदने के लिए अनुबंध किया गया है। करीब 65 किलोमीटर में तीन कॉरिडोर पर 45 स्टेशन होंगे।
दो गुना यात्री हो सकेंगे लिफ्ट में सवार
यह लीज मॉडल फेज-4 के तहत चालू होने वाली लिफ्ट और एस्केलेटर की गुणवत्ता, दक्षता और क्षमता को भी बढ़ाएगा। भारत में पहली बार मेट्रो सिस्टम में एक समय में करीब 20 यात्रियों की क्षमता वाली लिफ्ट होंगी। मौजूदा लिफ्ट में 8-13 यात्रियों की वहन क्षमता वाली ही लिफ्ट हैं। सुरक्षा बढ़ाने के लिए पहली बार फेज-4 के तहत लिफ्ट के अंदर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। चरण-4 के तहत तीन प्राथमिकता वाले गलियारों के लिए अत्याधुनिक, स्वदेशी लिफ्ट और एस्केलेटर की खरीद के लिए अनुबंध समझौते का आदान प्रदान के बीच किया गया।