9 दिसंबर से 15 के बीच, दिल्ली में औसतन 48 दैनिक मामले दर्ज किए गए, जो 16 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच बढ़कर 95 हो गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साप्ताहिक आधार पर यह 49.47 प्रतिशत की वृद्धि थी।
राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर आने से लोगों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों ने सोमवार को कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के चलते अगले कुछ महीनों में मामलों की संख्या में वृद्धि होगी। साथ ही विशेषज्ञों ने आगाह किया कि कोरोना वायरस फरवरी में चरम पर पहुंच सकता है।
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सोमवार को कोरोना के 331 नए मामले दर्ज किए गए। संक्रमण दर भी बढ़कर 0.68 प्रतिशत हो गई है। वहीं, रविवार को 0.55 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ 290 मामले सामने आए थे। एक दिसंबर को 0.07 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ 39 नए मामले दर्ज किए गए थे। अगले दिन सकारात्मकता दर घटकर 0.06 प्रतिशत हो गई, जबकि नए मामलों की संख्या 41 थी। दिसंबर की शुरुआत से 10 गुने की रफ्तार से कोरोना बढ़ रही है।
ओमिक्रॉन वैरिएंट के चलते बढ़ रहे मामले
9 दिसंबर से 15 के बीच, दिल्ली में औसतन 48 दैनिक मामले दर्ज किए गए, जो 16 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच बढ़कर 95 हो गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साप्ताहिक आधार पर यह 49.47 प्रतिशत की वृद्धि थी। महामारी विज्ञानी गिरिधर आर बाबू ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के चलते संख्या बढ़ रही है, जो अत्यधिक पारगम्य है। मामलों में तेजी से चढ़ाई और तेजी से गिरावट दिखाई देगी और फरवरी में कोरोना के चरम पर पहुंचने की संभावना है।
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छह जून के बाद आए सबसे अधिक मामले
राजधानी में इस साल छह जून के बाद सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। छह जून को एक दिन में 381 मामले मिले थे लेकिन इसके बाद लगातार नए मरीजों की संख्या कम होती चली गई और इस माह के पहले सप्ताह तक हर दिन 20 से 30 मरीज ही संक्रमित मिल रहे थे, लेकिन बीते दो सप्ताह में यह संख्या 10 गुना अधिक बढ़ी है।
पांच दिन में तीन गुना बढ़े दैनिक मरीज
राजधानी में बीते पांच दिन के अंदर ही कोरोना संक्रमण के रोजाना मिलने वाले मामलों में करीब तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। बीते 23 दिसंबर को राजधानी में 118 लोग संक्रमित मिले थे, लेकिन इसके बाद हर दिन यह संख्या बढ़ती चली गई और 23 से 27 दिसंबर के बीच दैनिक मामलों में 2.84 गुना बढ़ोतरी दर्ज हुई है।