कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद दिल की बीमारियों के मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि अस्पतालों के कार्डियोलॉजी
विभाग में आने वाले मरीजों की संख्या में पिछले साल की तुलना में 30 फीसदी तक की वृद्धि हो गई है। डॉक्टरों की माने तो कोविड से संक्रमित हो चुके मरीजों में यह समस्या ज्यादा हो रही है। वहीं कुछ मामले ऐसे भी हैं जहां मरीज पहले से ही दिल की बीमारी से जूझ रहे थे और कोविड के बाद हालत ज्यादा खराब हो गई।
दिल्ली के अस्पतालों में आने वाले मरीजों को सीने में दर्द, धड़कन का बढ़ना, जी मचलना, सांस फूलना जैसी दिक्कतों का सामान करना पड़ रहा है। जांच में पता चलता है की यह मरीज दिल की बीमारियों से जूझ रहे हैं। इनमें एक बड़ी संख्या कोविड से ठीक हो चुके लोगों की भी है। एम्स के क्रिटिकल केयर विभाग के डॉक्टर युद्धवीर सिंह का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद ह्रदय रोगियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। ऐसा इसलिए भी हुआ है क्योंकि एक बड़ी आबादी कोरोना से संक्रमित हुई थी। वायरस के शरीर से निकलने के बाद इन लोगों में उसके दुष्प्रभाव हुए, जिसमें दिल की बीमारियां भी थी।
डॉक्टर के मुताबिक, कोरोना पीड़ित मरीजों में दिल का दौरा पड़ने का अधिक खतरा होता है। कोरोना संक्रमित मरीज की रक्तवाहिनियों में खून के थक्के भी बन जाते हैं। जिसकी वजह से दिल का दौरा पड़ने खतरा भी बढ़ जाता है। हिंदूराव अस्पताल की डॉ अंकिता कुमार का कहना है कि आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की जांच में डी डायमर स्तर का पता लगाते हैं। इससे रक्त के थक्के का पता चल सके। मरीजों को रिवारोक्साबेन व एपिक्साबेन सॉल्ट की दवाएं लगातार दी जा रही हैं, ताकि खून शरीर में खून का थक्का न हो।
पांच फीसदी मरीजों को पड़ रही बाइपास सर्जरी की जरूरत
पारस अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर अमित शर्मा ने बताया कि पोस्ट कोविड या सामान्य मरीजों की ह्रदय की धमनियों में खून के थक्के और नसों में ब्लॉकेज मिल रहा है। इसके इलाज के लिए एंजियोप्लास्टी की जा रही है, जबकि पांच फीसदी गंभीर मरीजों की बाइपास सर्जरी भी करनी पड़ रही है। डॉक्टर ने बताया कि लोग दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। अस्पताल में हर सप्ताह ऐसे तीन से चार मामले आ रहे हैं, जहां गंभीर स्थिति में मरीज की सर्जरी की जा रही है। इसलिए जरूरी है की लोग ह्रदय की बीमारियों के लक्षणों को जल्द से जल्द पहचान कर इलाज कराएं।
लक्षण
डॉक्टरों की मानें तो दिल का दौरा का सबसे बड़ा लक्षण माना जाता है- सीने में तेज दर्द।जब दिल तक खून की आपूर्ति नहीं हो पाती तो दिल का दौरा पड़ता है.।आमतौर पर हमारी धमनियों के रास्ते में किसी तरह की रुकावट आने की वजह से खून दिल तक नहीं पहुँच पाता, इसीलिए सीने में तेज दर्द होता है. लेकिन कभी-कभी दिल के दौरे में दर्द नहीं होता. इसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता। इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ, जी मचलाना आदि भी लक्षण हैं।
तथ्यों में...
- देश में हर साल 17 लाख लोगों की मौत दिल से जुड़ी बीमारियों से होती है।
- देश की राजधानी दिल्ली में 40 फ़ीसदी लोग विभिन्न प्रकार की दिल की बीमारियों से ग्रस्त हैं
- 60 फीसदी लोगों को दिल का दौरा पड़ने के बाद मालूम चलता है कि उन्हें ह्रदय रोग से जुड़ी समस्याएं हैं
- दिल्ली में कोरोना संक्रमित कई मरीजों जान बचाने के लिए पेसमेकर लगाना पड़ा