इनके अलावा दक्षिणी दिल्ली और उत्तर पश्चिम जिले में एक से दो फीसदी आबादी ही संक्रमण से बची हुई है। दक्षिणी दिल्ली में 99 और उत्तर पश्चिम में 98.50 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी पाई गई हैं। इनके अलावा नई दिल्ली में 95.70, शाहदरा में 94.3, उत्तर में 95.1, दक्षिण पूर्व में 95.9, दक्षिण पश्चिम में 93.3 और पश्चिम दिल्ली जिले में 95.2 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली हैं। दिल्ली में सबसे कम शाहदरा जिले की आबादी कोरोना की चपेट में आई है।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा कोरोना की चपेट में आई हैं। वहीं 18 वर्ष से कम आयु वालों में 88 फीसदी तक एंटीबॉडी मिली हैं। इनसे अधिक आयु में यह दर 97 से 98 फीसदी तक है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को वैक्सीन नहीं लगी है उनमें 90 फीसदी तक एंटीबॉडी मिली हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस साल अप्रैल और मई में दिल्ली में महामारी की दूसरी भयंकर लहर की चपेट में आने के बाद यह पहला सर्वेक्षण है। जनवरी में किए गए पांचवें दौर के सीरो सर्वेक्षण से पता चला था कि दिल्ली में 56.13 फीसदी लोगों ने कोविड के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित कर ली थी।
यह कुल मिलाकर छठा और दूसरी लहर आने के बाद पहला सीरो सर्वे था। पांचवां सीरो सर्वे जनवरी में हुआ था, जिसके अनुसार दिल्ली में 56.13 प्रतिशत लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हुई थी।