आर्थिक अपराध शाखा ने वसुंधरा गाजियाबाद के एक आवासीय परियोजना में फ्लैट देने का सपना दिखाकर करोड़ों की ठगी करने एक कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने उस भूमि पर परियोजना की शुरूआत की, जो उसे आवंटित नहीं किया गया था। बाद में लीज राशि का भुगतान नहीं करने पर उसे रद्द कर दिया गया।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान अशोक निकेतन निवासी सिद्धार्थ बरमेचा(29) के रूप में हुई है। जुलाई 2017 में शाखा को रचित चावला सहित 13 लोगों ने ठगी की शिकायत की थी। जिसमें बताया कि उन्हें मैसर्स बालाजी बिल्डसर्व प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के वसुंधरा, गाजियाबाद में चल रहे अजालिया ओपुस प्वाइंट परियोजना में घर देने का वादा किया गया था। वर्ष 2012 में शिकायतकर्ता की सचिन दत्ता से मुलाकात हुई।
जिसने परियोजना में निवेश करने के लिए कहा। परियोजना की सभी एजेंसियों और प्राधिकरण से एनओसी मिलने का दावा किया। कंपनी के निदेशक सिद्धार्थ बरमेचा ने शिकायतकर्ता को तीन साल में परियोजना के पूरा होने का भरोसा दिया।
इसके बाद जुलाई 2012 से जनवरी 2013 के बीच शिकायतकर्ता ने एक करोड़ बीस लाख रुपये भुगतान किया। लेकिन 2013 में उसने देखा कि परियोजना में फ्लैट निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया है। उसके बाद इस बाबत 2017 में आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत की गई।