कैब चालकों ने तीसरे दिन बुधवार को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़कों पर वाहनों की संख्या काफी कम होने की वजह से यात्रियों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। सर्वोदय ड्राइवर्स एसोसिएशन ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने कहा 15 दिन के लिए हड़ताल स्थगित कर दी गई है।
उधर, वाहन मालिकों और चालकों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए किराया संशोधन कमेटी गठित करने का सरकार ने फैसला लिया है। सीएनजी की कीमतों में 2.5 रुपये की बढ़ोतरी के विरोध में ऑटो, टैक्सी और कैब चालक सोमवार से हड़ताल पर चले गए थे।
सरकार को अलग अलग यूनियनों की तरफ से सीएनजी पर सब्सिडी बढ़ाने और किराया तय करने की मांगे रखी गई थी। हड़ताल के तीसरे दिन कैब चालकों ने बुधवार को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़कों पर वाहनों की संख्या काफी कम होने की वजह से यात्रियों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सर्वोदय ड्राइवर्स एसोसिएशन ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने कहा कि चालकों ने फैसला लिया है कि अगर उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो 15 दिन बाद दोबारा सड़कों पर उतरेंगे। तब तक के लिए हड़ताल स्थगित कर दी गई है।
बृहस्पतिवार आज से सड़कों पर टैक्सी, ऑटो के साथ एप आधारित कैब भी यात्रियों की सेवा में सड़कों पर उतरेंगी। इस मसले पर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने मंगलवार को ऑटो व टैक्सी यूनियनों के साथ एक बैठक भी की थी। सभी पक्षों से परामर्श के बाद बुधवार को किराया संशोधन समिति का गठन किया गया।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 67 (1) के तहत इसे अधिसूचित किया गया है। किराया संशोधन समिति की अध्यक्षता विशेष आयुक्त (एसटीए) करेंगे और इसमें डीसी (वाहन निरीक्षण इकाई / ऑटो रिक्शा इकाई / टैक्सी इकाई), उपायुक्त और लेखा उप नियंत्रक के साथ दो नामित जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) और एक तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि, यात्रियों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि भी इस समिति का हिस्सा हैं। दिल्ली सरकार ने पहले भी 12 जून, 2019 को एक समान किराया संशोधन समिति गठित कर किराए में संशोधन के लिए एक अधिसूचना जारी की थी। इस महीने सीएनजी की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है और दिल्ली में सीएनजी की मौजूदा दर 71.61 रुपये प्रति किलोग्राम है।
परिवहन मंत्री ने की चालकों से काम पर लौटने की अपील
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों से प्रभावित वाहन चालकों और मालिकों की स्थिति को दिल्ली सरकार भली - भांति समझ रही है। ऑटो और टैक्सी यूनियनों से भी मुलाकात में हुई चर्चा के बाद किराया पुनरीक्षण समिति का गठन कर दिया गया है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट मुहैया करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हम ऐसा समाधान लेकर आएंगे जिससे चालकों, मालिकों और यात्रियों को राहत मिल सके। उन्होंने अपील की है कि अभी भी हड़ताल पर रहने वाले टैक्सी मालिक या चालक वापस काम पर लौट जाएं ताकि दिल्ली की जनता को असुविधा न हो।