कोविड-19 के लगातार बढ़ते मामलों ने एक बार फिर लॉकडाउन की स्थिति पैदा कर दी है। जिसके चलते सरकार द्वारा स्कूलों एवं संस्थानों को बंद रखते हुए स्कूलों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन के दिशा-निर्देश दिये हैं। लेकिन दिल्ली के कोचिंग संस्थानों के बीच भ्रम इसके कारण भ्रम की स्थिति पैदा खड़ी हुई है।
कोचिंग संस्थानों के कामकाज के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश ना होने के कारण संस्थान के मालिकों, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों में अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे में दिल्ली के कोचिंग सेंटरों की संस्था, एजुकेटर्स सोसायटी ने दिल्ली सरकार से स्पष्टीकरण जारी करने का अनुरोध किया है कि लॉकडाउन की स्थिति में डीडीएमए के दिशानिर्देशों के अनुसार कोचिंग केंद्रों को भौतिक स्तर पर खोले रखने की अनुमति है या नहीं!
एजुकेटर्स सोसायटी के अध्यक्ष केशव अग्रवाल ने कहा कि, भौतिक कक्षाएं संचालित करने की अनुमति को लेकर हम भ्रम में हैं क्योंकि हमारे पास स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं कि कोचिंग सेंटर्स को जारी रखने की अनुमति है या नहीं, और अगर अनुमति है तो हमारे लिए क्या एसओपी निर्धारित किया गया है। दिशा-निर्देश ना होने की स्थिति ने संस्थानों के मालिकों सहित सभी को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए रूकावट होगी और कोचिंग सेंटर्स से पर्याप्त मॉक टेस्ट एवं संदेह क्लीयरेंस सत्रों की जरूरत होगी।
केशव अग्रवाल ने संस्थानों की तरफ से सरकार द्वारा एक आधिकारिक निर्देश की जारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिससे स्थिति साफ हो सके और दिशा-निर्देशों के पालन के लिए एसओपी की जानकारी रहे।
उन्होंने आगे कहा कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता है और अधिकारिक निर्णय के अनुसार सभी उसका अनुसरण कर पायेंगे। ऐसे में एक सर्कुलर, सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस अभिभावकों, विद्यार्थियों, कोचिंग सेंटर्स नये अकादमिक सत्र के लिए उनका पालन करने में मदद करेगी। पिछला पूरा सत्र पूर्णतया ऑनलाइन था और हम उम्मीद करते हैं कि सरकार हमें विद्यार्थियों और हमारे सरवाईवल हितों को ध्यान में रखकर एसओपी के साथ संचालन जारी रखने का सर्कुलर जारी करेगी।
ज्ञात हो, एजुकेटर्स सोसायटी दिल्ली में चल रहे 300 से अधिक संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन है है और उनके सामने आने वाले मुद्दों को उठाने की दिशा में काम करता है।