दिल्ली के सरकारी स्कूलों में केजी से दूसरी कक्षा तक के बच्चे भी राइट टू एजुकेशन की नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत अगली कक्षा में भेजे जाएंगे। इन कक्षाओं के बच्चों की कोई औपचारिक परीक्षा नहीं ली जाएगी। बच्चों का मूल्यांकन शीतकालीन अवकाश के दौरान बच्चों को दिए गए असाइनमेंट, पढ़ने के मौखिक अभ्यास, ऑनलाइ-ऑफलाइन वर्कशीट में बच्चों के दिए गए जवाब के आधार पर किया जाएगा।
इन सबके लिए बच्चों को ग्रेड दिए जाएंगे। शिक्षा निदेशालय ने इन कक्षाओं के बच्चों के मूल्यांकन के लिए स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षा निदेशालय के अनुसार कोविड-19 के कारण लंबे समय तक स्कूल बंद होने से क्लास रुम टीचिंग नहीं हो रही थी। पढ़ाई ऑनलाइन ही चल रही थी। बच्चों को जुलाई 2020 से ही ऑनलाइन-ऑफलाइन वर्कशीट ही दी जा रही हैं।
मूल्यांकन के आधार पर बच्चों को ग्रेड दिए जाएंगे। सरकारी स्कूलो में केजी से दूसरी कक्षा तक बच्चों की कोई औपचारिक परीक्षा नहीं ली जाती है। मालूम हो कि बीते दो दिन पहले ही शिक्षा निदेशालय ने तीसरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को अगली कक्षाओं के मूल्यांकन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन कक्षाओं के बच्चों को भी मूल्यांकन के आधार पर ही प्रमोट किया जा रहा है।