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दिल्ली: 1100 निवेशकों से 15 करोड़ की ठगी, कंपनी के दो निदेशक गिरफ्तार

Thu, 07 Oct 2021 08:52 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

ई-रिक्शा को किराए पर चलवाने से प्रतिदिन तीन सौ रुपये मिलने का लुभावना स्कीम बताया। इसके लिए उन्होंने दो ई-रिक्शा की खरीद के लिए कंपनी में 1.31 लाख रुपये का निवेश करने के लिए प्रेरित किया और निवेशकों के सदस्यों को जोड़ने पर कमीशन देने की बात कही।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : is
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विस्तार
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आर्थिक अपराध शाखा ने ई-रिक्शा को किराए पर चलवाने से मुनाफा होने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक कंपनी के दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने निवेशकों को प्रतिदिन तीन सौ रुपये किराया मिलने का आश्वासन देकर उनसे 15 करोड़ रुपये ठग लिए। जांच में पता चला कि 11 सौ निवेशकों ने आरोपियों की कंपनी में पैसे का निवेश किया था।

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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आरके सिंह ने बताया कि निदेशकों की पहचान अशोक नगर निवासी हर्षुल कौशिक (31) और तिलक नगर निवासी गुरमीत सिंह साहनी (29) के रूप में हुई है। वर्ष 2019 में बालाघाट मध्य प्रदेश निवासी अमिषेक पुरी गोस्वामी सहित 50 निवेशकों ने एसओएस व्हीकल्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों गुरमीत सिंह, जसनीत सिंह और प्रमोटर हर्षल कौशिक के खिलाफ फर्जीवाड़ा और ठगी की शिकयत की।

ई-रिक्शा को किराए पर चलवाने से रोजाना 300 रुपये मिलने का दिया झांसा
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने रेडिशन ब्लू होटल में स्थित कार्यालय में बुलाकर ई-रिक्शा को किराए पर चलवाने से प्रतिदिन तीन सौ रुपये मिलने का लुभावना स्कीम बताया। इसके लिए उन्होंने दो ई-रिक्शा की खरीद के लिए कंपनी में 1.31 लाख रुपये का निवेश करने के लिए प्रेरित किया और निवेशकों के सदस्यों को जोड़ने पर कमीशन देने की बात कही। निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए बहादुरगढ़ और कुंडली स्थित ई-रिक्शा के निर्माण संयंत्र का दौरा करवाया। उनकी बातों पर विश्वास कर निवेशकों ने आरोपियों के कई बैंक खातों में राशि जमा कर दी। उन्हें दो महीने का किराया मिला उसके बाद आरोपियों ने पैसा देना बंद कर दिया। 11 सौ निवेशकों की ओर से शाखा में 50 से अधिक शिकायत दी। शिकायत दर्ज होने के बाद से सभी आरोपी फरार हो गए।
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दो महीने से पीछा कर रही थी पुलिस
पुलिस ने जांच के दौरान कंपनी के बैंक खातों की जांच की। जिसमें पता चला कि आरोपियों ने निवेशकों से बड़े पैमाने पर धन प्राप्त किया। शुरू में जनता को लुभाने के लिए रिटर्न भी दिए। आरोपियों ने ठगी के लिए ही पॉश इलाके में कार्यालय खोले थे। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो महीने से तकनीकी जांच के जरिए उनका पीछा कर रही थी। स्थानीय सूचना पर पुलिस ने दोनों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।

बीच में ही छोड़ दी थी एमबीए की पढ़ाई
जांच के बाद पुलिस ने बताया कि हर्षुल एमबीए की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। वह कई कंपनियों के सेल्स प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुका है। उसपर यूपी के साहिबाबाद, दिल्ली के कोटला मुबारकपुर और अमर कालोनी थाने में फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज है। गुरमीत सिंह पेमेंट सोल्यूशन कंपनी चलाता था। फिलहाल हरिनगर में नॉनवेज रेस्टोरेंट चला रहा था। पुलिस इनसे पूछताछ कर फर्जीवाड़ा में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।

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