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सीबीएसई एडवांस डाटा विश्लेषण से परीक्षाओं पर रखेगा नजर

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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित की जाने वाली विभिन्न परीक्षाओं में छात्रों का नकल करना या अनुचित साधनों का उपयोग करना मंहगा पड़ सकता है। बोर्ड नेे नकल के मामलों का पता लगाने के लिए एडवांस डाटा विश्लेषण सिस्टम विकसित किया है। इसके प्रयोग से परीक्षाओं के संचालन में निष्पक्षता बनी रहेगी। बोर्ड ने परीक्षा सिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में यह कदम उठाया है। इस सिस्टम सेे पकड़े जाने पर छात्र पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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सीबीएसई के आईटी विभाग के निदेशक अंतरिक्ष जौहरी ने बताया कि इस सिस्टम को डाटा फोरेंसिक के रूप मेें भी समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा सिस्टम में पारदर्शिता व निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाता रहा है। परीक्षाओं के दौरान अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने केे लिए बोर्ड पहले ही पर्यवेक्षकों, फ्लाइंग स्कॉयड की नियुक्ति करता है। साथ सीसीटीवी द्वारा भी निगरानी की जाती है। अब इस सिस्टम को ओर बेहतर करने के लिए एडवांस डाटा विश्लेषण सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
संदिग्ध डाटा पैटर्न की पहचान करने के लिए बोर्ड ने डाटा विश्लेषण सिस्टम के तहत एल्गोरिथम को सेंट्रल स्कावयर फाउंडेशन और प्लेपॉवर लैब्स के सहयोग से विकसित किया है। इसका उपयोग सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जनवरी 2021 में हुए सीटीईटी परीक्षा पर किया गया। इसके सफल रहने पर सीबीएसई ने अन्य परीक्षाओं में इसके उपयोग का फैसला किया।
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निदेशक नेे कहा कि इस सिस्टम की मदद से हम देेख पाएंगे कि कहीं कुछ कॉपी तो नहीं हो रहा या नकल तो नहीं की जा रही। इससे किसी भी प्रकार की अनियमितता का भी पता चल सकेगा।
इस तरह के विश्लेषण के आधार पर सीबीएसई का लक्ष्य उन परीक्षा केंद्रों की पहचान करना है जहां डाटा परीक्षाओं के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग होता है। इसके बाद सीबीएसई की ओर से परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए भविष्य में उचित उपाय किए जाएंगे।
आईटी निदेशक ने बताया कि इसका उपयोग बोर्ड की ओर से आयोजित नेशनल अचीवमेंट सर्वे, केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी), और दसवीं-बारहवीं की परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। बोर्ड इससे पहलेे अन्य आईटी प्रयासों के तहत सरस, इंटीग्रेडिट पेमेंट सिस्टम, ब्लॉक चेन सिस्टम को विकसित कर चुका है।
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