नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिमी जिले की साइबर सेल ने सुभाष प्लेस और मुखर्जी नगर में चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा किया है। पुलिस ने सुभाष प्लेस से दो महिलाओं समेत पांच लोगों और मुखर्जी नगर से चार महिलाओं समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेरोजगार युवकों को विदेश में नौकरी और छात्रों को कॉलेज में दाखिला दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। पुलिस ने छह डेस्कटॉप, दो लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन, डेबिट, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट राउटर और चेकबुक बरामद की है।
जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि पुलिस को ठगी की ऑनलाइन शिकायत मिली थी, जिसमें कहा गया था कि विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे ठगी की गई है। आरोपी फोन पर साक्षात्कार लेने के बाद रजिस्ट्रेशन फीस लेकर संपर्क बंद कर देते हैं। पुलिस टीम ने जांच शुरू की तो मुखर्जी नगर और सुभाष प्लेस में दो फर्जी कॉल सेंटरों के चलने की जानकारी मिली। इस जानकारी पर पुलिस ने सुभाष प्लेस स्थित आरकेएस सोल्यूशन नाम के कॉल सेंटर पर छापा मारा। वहां पुलिस ने कर्मियों को वॉयस ऑवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) से अपनी पहचान छिपाकर बात करते हुए पाया। पुलिस ने यहां से दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह बेरोजगारों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते हैं। जांच में पुलिस ने पाया कि कॉल सेंटर मालिकों कपिल और सागर ने दो वेबसाइट तैयार करवाकर उसे गोडैडी नामक साइट पर पंजीकृत करा लिया। एक वेबसाइट से नौकरी के इच्छुक लोगों का डाटा भी खरीदा।
इसी तरह पुलिस को मुखर्जी नगर के हकीकत नगर में चल रहे कॉल सेंटर के बारे में जानकारी मिली, जिसमें बेरोजगारों युवकों को विदेश में नौकरी और छात्रों को कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए फर्जी डिग्री प्रदान करने के उद्देश्य से एमएचआरडी से उनके दस्तावेज सत्यापित करने का झांसा दे रहे थे।