नई दिल्ली। बांग्लादेश से मंगवाकर कैंसर की नकली और एक्सपायरी दवा बेचने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को करनाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हरियाणा के करनाल स्थित राम नगर निवासी अमित दुुआ (28) के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करनाल और फरीदाबाद में छापेेमारी कर नकली दवाई बनाने और पैक करने वाली मशीनें बरामद की हैं। आरोपियों ने बताया कि सद्दाम हुसैन रजा अंसारी एम-फार्मा किए हुए है। सोनू चौधरी ग्रेजुएट है। तीसरा आरोपी अमित दुआ लॉ से ग्रेजुएट है। पुलिस ने इनके पास से 141 पैकेट कैंसर की दवाइयां बरामद की थी। आरोपी भारत में भी नकली दवाइयां बनाकर बेचते थे।
अपराध शाखा की पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि बुधवार को सूचना मिली थी कि कैंसर की नकली दवाइयां बेेचने वाले आरोपी जसोला के लिविंग स्टाइल मॉल के पास आने वाले हैं। सूचना के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी सद्दाम हुसैन रजा अंसारी, सोनू चौधरी, अफसर अंसारी को दबोच लिया। इनके पास से अलग-अलग डिब्बों में कुल 141 पैकेट कैंसर की दवाइयां बरामद हुई थी। इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को चौथे आरोपी अमित दुआ को करनाल से गिरफ्तार किया। इसकी निशानदेही पर दवाई बनाने वाली मशीन, पैकिंग मशीन आदि बरामद हुई। आरोपियों ने खुलासा किया कि वह पिछले काफी समय से नकली दवाइयां बेच रहे थे। दरअसल, भारत में कैंसर की दवाइयां काफी महंगी हैं। यह लोग ग्रे-मार्केट से बांग्लादेशी से दवाइयां मंगवाकर उनको दोबारा पैककर मोटी रकम पर बेचते थे। इसके अलावा एक्सपायरी दवा भी मंगवा लेते थे। इनको भी दोबारा से पैक कर भारतीय नामों से बाजार में बेच देते थे। देशभर में दावा का काम करने वाले इनके संपर्क में थे। आरोपी सद्दाम हुसैन एम-फार्मा होने का फायदा उठाता था। वहीं सोनू चौधरी अकाउंटेंट का काम देखने के अलावा दवाओं के लिए कच्चे माल का भी इंतजाम करता था। अफसर इन दवाइयों की सप्लाई का काम देखता था। अमित की जिम्मेदारी इन दवाइयों को बनवाने व पुरानी दवाइयों को दोबारा से पैक करने की थी। पुलिस गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।