कोविशील्ड और कोवाक्सिन वैक्सीन
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कैंसर मरीज के अधिवक्ता ने कोविशील्ड के बजाय कोवाक्सिन की दूसरी डोज लेने की मांग को लेकर याचिका दायर की है। हाई कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति ने सरकार को इस मामले में अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई 28 अक्तूबर तय की है।
यह याचिका अधिवक्ता मधुर मित्तल ने दायर की है। याची के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल कैंसर की गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसकी थेरेपी चल रही है। उसे अब बीमारी के अगले इलाज के लिए अमेरिका जाना है और उसके लिए उसे कोवाक्सिन की दोनों डोज लगवाना जरूरी है।
याची ने कहा कि उसने पहले कोविशील्ड की डोज 13 मार्च 21 को लगवाई थी, लेकिन रियेक्शन होने के चलते उसे पांच दिन मैक्स अस्पताल में पांच दिन अस्पताल में रहना पड़ा। डॉक्टरों ने उसे अब वैक्सीन की दूसरी डोज कोवाक्सिन लगाने की सलाह दी है।
याची ने कहा कि उसने सरकार की साइट पर जाकर दूसरी डोज के लिए कोवाक्सिन के लिए आवेदन करने का प्रयास किया, लेकिन पंजीकरण के लिए इनकार कर दिया गया। सरकार की साइट में बताया गया कि जिस कंपनी की वैक्सीन की पहली डोज ली गई है दूसरी डोज भी उसी कंपनी की लगाई जाएगी। उन्होंने कहा सरकार विज्ञापनों के जरिए सभी को दोनों डोज लगवाने के लिए कह रही है, लेकिन दूसरी डोज के लिए इस प्रकार से मना कर रही है।
उन्होंने कहा कई मामलों में ऐसा सामने आया है कि जहां एक कंपनी की वैक्सीन के बाद दूसरी डोज दूसरी कंपनी की लगाई गई है तो ऐसे मामलों में बेहतर नतीजे सामने आए हैं। ऐसे में सरकार को निर्देश दिया जाए कि उसे कोविशील्ड के बजाय कोवाक्सिन की दूसरी डोज लेने की मंजूरी प्रदान की जाए।