बुधवार सुबह करीब 11 बजे पूर्वी दिल्ली के शशि गार्डन में एक रिक्शा आता दिखा। उस पर सवार एक महिला एक बॉक्स लेकर बैठी थी। चालक ने पीडब्ल्यूडी में काम करने वाले महेंद्र शर्मा के घर के सामने रिक्शा रोक दिया। महेंद्र घर की चौखट पर ही बैठे थे।
महिला ने रिक्शे से उतरकर अपना परिचय दिया कि वह (सुनीता, 32 वर्षीय) स्वास्थ्य कर्मचारी है और दिल्ली सरकार के हर घर दस्तक अभियान के तहत कोरोना का टीका लगाने के लिए आई है। महेंद्र शर्मा की दूसरी खुराक बाकी थी इसलिए वह यहां तक आई। यह सुन महेंद्र काफी खुश हुए और उन्होंने टीका लगाने की अनुमति दी। महेंद्र बताते हैं कि कुछ रोज पहले उनके परिवार में एक हादसा होने की वजह से वे दूसरी खुराक नहीं ले पाए थे लेकिन सरकार की इस पहल ने उन्हें काफी भावुक कर दिया। परिवार के सभी पांचों सदस्यों ने भी दूसरी डोज ली।
ठीक इसी तरह यमुना खादर इलाके में भी दिखाई पड़ा। यहां आशा वर्कर, स्वास्थ्य कर्मचारी और सिविल डिफेंस के 12 कर्मी तैनात थे, जो हाथ में रजिस्टर लेकर हर झोपड़ी में टीका नहीं लेने वालों की जानकारी ले रहे थे। पास में ही एक खाली मैदान पर मैडम अनीता (सुपरवाइजर) ई-रिक्शा के साथ खड़ी थीं। जो साथ के साथ लोगों को टीका दे रही थीं और कोविन वेबसाइट पर जानकारी भी अपलोड कर रही थीं।
दरअसल, दिल्ली में टीकाकरण के लिए ऐसी दस्तक पोलियो के बाद अब देखने को मिल रही है। जब दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संपर्क किया तो पता चला कि दिल्ली सरकार कोरोना टीकाकरण के लिए इस अभियान में एक भी घर नहीं छोड़ रही है। बीते 12 नवंबर से उनकी टीमें घर-घर तो पहुंच रही हैं। साथ ही वृद्धाश्रम, झुग्गी, रैन बसेरा तक में दस्तक दे रही हैं। अगर बुधवार की स्थिति देखें तो सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक यानी तीन घंटे में ही 50 हजार से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका था।
ई-रिक्शा में बैठे-बैठे राहगीरों को टीका
पूर्वी जिले में स्वास्थ्य कर्मचारी बबीता बताती हैं कि वह पूछ-पूछकर लोगों को वैक्सीन लगा रही है। वह दिन में सात से आठ घंटे ई-रिक्शा पर बैठे संकरी गलियों में घूमती रहती हैं और सहयोगी सीमा माइक पर लोगों को टीका लगाने की अपील करती रहती हैं। बुधवार को दोनों नेहरू विहार इलाके में ई-रिक्शा में बैठे-बैठे राहगीरों को टीका दे रही थी।
अभियान के 3 दिन शेष
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राजधानी में 27 नवंबर तक हर घर दस्तक अभियान चलाया जाएगा। हर जिले से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार 12 से 23 नवंबर के बीच रोज एक लाख से अधिक टीकाकरण दर्ज किया जा रहा है। जबकि उससे पहले यह संख्या 80 हजार से भी कम थी।
दस्तक होते ही ऐसे बढ़ा ग्राफ
कोविन वेबसाइट के अनुसार 11 नवंबर को एक दिन में 78 हजार टीकाकरण हुआ था जिनमें से दूसरी खुराक लेने वाले 51 हजार थे। लेकिन 12 नवंबर को हर घर दस्तक शुरू होते ही टीकाकरण 1.13 लाख हुआ और दूसरी खुराक लेने वालों की संख्या 75 हजार पार कर गई। 14 और 21 नवंबर को रविवार अवकाश को छोड़ दे तो हर दिन यह संख्या बढ़ी है और 23 नवंबर को एक दिन में 1.11 लाख टीकाकरण हुआ है जिनमें से 80 हजार दूसरी बार दी गईं खुराक शामिल हैं।