अगले दो माह के भीतर बाहरी दिल्ली के निवासियों को अपना पहला बटरफ्लाई पार्क (तितली पार्क) मिल जाएगा। सिंघु बॉर्डर से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित मर्मुरपुर गांव में एक एकड़ भूमि पर बन रहे पर्यटन स्थल के रूप में पार्क का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यहां रंग बिरंगी तितलियों की 10 से अधिक प्रजातियां देखने को मिलेंगी।
उत्तरी जिला के उप वन संरक्षक विपुल पाण्डेय के मुताबिक, तितलियां प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एक एकड़ में पार्क को विकसित करने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। विभाग को उम्मीद है कि नवंबर तक सिंघु बार्डर के नजदीक रंग बिरंगी तितलियां मंडराने लगेंगी।
यहां आने वाले पर्यटक न सिर्फ तितलियों को दीदार कर सकेंगे बल्कि उनके जीवन चक्र के बार में भी जानकारी पा सकेंगे। इसके लिए वन विभाग एक वन रक्षक को भी पर्यटन स्थल पर नियुक्त करेगा। इस पार्क को विकसित करने के लिए बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी(बीएचएनएस) की भी मदद ली जा रही है।
सेल्फी प्वाइंट को भी किया जा रहा है विकसित
पाण्डेय के मुताबिक, पार्क को विकसित करने के साथ यहां सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है। इसके लिए रंग बिरंगी तितली का एक बड़ा डिजाइन तैयार किया गया है जो पार्क का आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं, लोगों के आराम के लिए जगह-जगह बेंच लगाए जा रहे हैं। वहीं, पर्यटकों को धूप और बारिश से बचाने के लिए ग्रामीण इलाकों की तरह हट को भी बनाया जा रहा है।
पार्क की नर्सरी से ले सकेंगे 50 पौधे
पार्क में एक नर्सरी भी विकसित की जा रही है। यहां फलदार और औषधीय पौधों में शामिल तुलसी, आंवला, पीपल, अर्जुन, इमली, बहेड़ा समेत अन्य पौधे मिलेंगे। एक व्यक्ति द्वारा अधिकतम 50 पौधों को लिया जा सकेगा। अच्छी बात यह है कि विभाग द्वारा पौधों को निशुल्क रूप से दिया जाएगा।
इस तरह की दिखेंगी तितलियों की प्रजातियां
प्लेन टाइगर, कॉमन ग्रास यलो, मॉटल्ड एमिग्रेंट, कोमो, डार्क सेरुलियन, कॉमन एल्बाट्रॉस, स्ट्रीप्ड एल्बाट्रॉस, कॉमन शॉट सिल्वरलाइन व कॉमन माइम आदि तितलियां की प्रजातियां हैं।