नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मंडोली जेल में बंद बदमाश के साथ मिलकर रंगदारी रैकेट चलाने का खुुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीनों जेल में बंद नीरज बवानिया गैंग के बदमाशों के इशारे पर लाजपत नगर के एक प्रॉपर्टी डीलर से 20 लाख की रंगदारी मांग रहे थे। जांच में खुुलासा हुआ कि जेल में बंद बदमाश बिल्डर और कारोबारी से रंगदारी मांगने के लिए फोन करता था और बाहर मौजूद गैंग के बदमाश पीड़ित को धमकाते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के बयान और तकनीकी जांच के जरिये जेल में बंद बदमाशों और जेलकर्मियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों की पहचान लक्ष्मी नगर निवासी अभिषेक मशीह, दक्षिणपुरी निवासी रोहित सिंह और संगम विहार निवासी शिब्बू के रूप में हुई है। ईस्ट ऑफ कैलाश निवासी जसमीत सिंह अपने पार्टनर हरपाल के साथ मिलकर रियल इस्टेट का कारोबार करता है। कार्यालय लाजपत नगर में है। 23 नवंबर को पुलिस को दी शिकायत में जसमीत ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। उन्होंने फोन काट दिया। उसी नंबर से एक मैैसेज आया, जिसमें लिखा था कि ‘भाई मैं नहीं अब आप खुद फोन करोगे’। इसी बीच 25 नवंबर को उसके कार्यालय में एक युवक पिस्टल और फोन लेकर आया। उस समय कार्यालय में हरपाल और उसका एक कर्मचारी बाला मौजूद था। युवक ने हरपाल को जेल से फोन करने वाले व्यक्ति से बात करने के लिए कहा। हरपाल और बाला दोनों ने उस युवक को रोकने की कोशिश की। हाथापाई में पिस्टल गिर गई लेकिन आरोपी भाग निकला। फिर शिकायतकर्ता को अनजान नंबर से एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को गैंगस्टर प्रवीण सभरवाल बताते हुए 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
कैमरे में कैद बदमाश की पहचान की
शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद बदमाश की पहचान करने में जुट गई। पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद कार्यालय में आए बदमाश अभिषेक मसीह को लक्ष्मी नगर से गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि वह रोहित सिंह के साथ कार्यालय गया था। पुलिस ने दक्षिणपुरी निवासी रोहित को भी शेख सराय से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से पिस्टल और मोबाइल फोन बरामद कर लिया। बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि हत्या के मामले में जेल में बंद आकाश ने अभिषेक को रंगदारी मांगने का निर्देश दिया था। उसने बताया कि आकाश जेल में बंद नीरज बवानिया गैंग के एक लाख के इनामी बदमाश प्रवीण सभरवाल के साथ मिलकर रंगदारी मांगने का रैकेट चला रहा है। पुलिस को यह भी पता चला कि आकाश ने संगम विहार के शिब्बू को बदमाशों को हथियार सप्लाई के लिए कहा था। पुलिस ने पेशे से ऑटो चालक शिब्बू को भी गिरफ्तार कर लिया।
अक्तूबर में जमानत पर बाहर आया
जांच में पता चला कि अभिषेक अक्तूबर में ही जेल से जमानत पर बाहर आया। उस पर वाहन चोरी, लूटपाट और झपटमारी के 40 मामले दर्ज हैं। वहीं रोहित पर गैंगरेप के अलावा चोरी के दो मामले दर्ज हैं। वह साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के पास निजी एंबुलेंस चलाता है। वहीं शिब्बू लूटपाट के एक मामले में शामिल है। वह जेल में बंद आकाश के संपर्क में रहता है।