आरक्षित किए गए बिस्तर, विभाग का स्टाफ रहेगा ऑन ड्यूटी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिवाली के दौरान आगजनी की घटनाओं में घायल होने वाले मरीजों को उपचार देने के लिए अस्पतालों में बर्न विभाग अलर्ट पर रहेगा। मरीजों के इलाज के लिए एम्स, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक में विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लोकनायक सहित दिल्ली के अन्य बड़े अस्पतालों में भी बर्न वार्ड को अलर्ट पर रखा गया है। इन विभाग व वार्ड में ऐसे मरीजों के लिए अलग से बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। साथ ही स्टाफ को ऑन ड्यूटी पर रहने का आदेश दिया गया है। एम्स से मिली जानकारी के मुताबिक, बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी ब्लाॅक में नियमित मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा। यहां पर केवल गंभीर मरीज की भर्ती की जा रही है। दिवाली को लेकर यहां अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। स्टाफ की छ्ट्टी रद्द कर दी गई है।
वहीं सफदरजंग अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. शलभ ने बताया कि ब्लॉक में ऐसे मरीजों के लिए अलग से 20 बेड की व्यवस्था की गई है। ऐसा देखा गया है कि पटाखों से हाथ जलने की घटनाएं सबसे ज्यादा आती हैं। इसके अलावा चेहरा झुलसना व अन्य दिक्कत भी आते हैं। इनके प्राथमिक उपचार के लिए चार काउंटर खोले गए हैं। कम जले मरीजों को इलाज के बाद जल्दी छुट्टी दे दी जाएगी।
पटाखे जलाते समय रखें सावधानी
दिवाली के दौरान दीये व पटाखे जलाते समय खास ध्यान रखना चाहिए। इस समय पानी भरकर बाल्टी, गीला कपड़ा, कंबल साथ में होना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सफदरजंग अस्पताल में पिछले साल 97 मरीज झुलसकर आए थे। इसमें 61 पटाखों से और 37 मरीज दीये से झुलसे थे। वहीं एम्स में 65 मरीज इलाज करवाने आए थे। इसमें से 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिसमें से 7 लोगों की मौत हो गई थी।