व्यर्थ जलाने से अच्छा है किसी को जीवनदान देना : स्वामी राजेश्वरानंद
नई दिल्ली। गोरख पार्क शाहदरा स्थित श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर में देहदान संकल्प उत्सव आयोजित किया गया। स्वामी श्री राजेश्वरानंद महाराज व गुरुमां ने कहा कि शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है, इसलिए मृत्यु के उपरांत शरीर को जला देने से बेहतर है उसे परोपकार में अर्पित कर देना। शरीर रिसर्च और चिकित्सा के काम आए तो यह सबसे बड़ा पुण्य है।
अनुष्ठान की शुरुआत बाल कलाकार मिश्रा बंधु की ओर से भजन गायन और उपस्थित 61 देहदानियों के सामूहिक गायत्री मंत्र जाप से हुई। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, डीसीपी संदीप लांबा, आर्मी कॉलेज एंड मेडिकल साइंसेज की विभागाध्यक्ष डॉ. शेफाली मदान, संत श्रीनिवासन तंबूरान और अन्य ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, देहदान भी अंत्येष्टि का ही एक रूप है। इससे मृत्यु के बाद भी मानव जाति की सेवा संभव होती है। वहीं केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा, चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में देहदान अमूल्य योगदान देता है। केरल से आए संत श्रीनिवासन तंबूरान ने युवाओं को समाज सेवा और धर्म रक्षा की दिशा में आगे आने का आह्वान किया। डॉ. शेफाली मदान ने चिकित्सा शिक्षा में देहदान के महत्व पर प्रकाश डाला। निगम पार्षद रितेश सूजी, रीना माहेश्वरी, डॉ. मोंगा, महेश पंत, विशाल चड्ढा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।