नई दिल्ली। नाबालिग के साथ कुकर्म के मामले में ट्रायल कोर्ट के निर्णय को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट सिद्धांत है कि अगर पीड़ित के बयान स्पष्ट है तो फिर सिर्फ उनके बयान के आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया जा सकता है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की पीठ ने कहा कि पीड़ित अपने बयान पर कायम रहा। उसका बयान विश्वसनीय है। पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट पहले ही अपीलकर्ता को लूट के मामले में बरी कर चुकी है। ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए दोषी नीरज व फैसल आलम की अपील याचिका खारिज कर दी। याचिका के अनुसार पीड़ित शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा कि आठ दिसंबर, 2016 को अपने छोटे के साथ शाम पांच बजे एटीएम से पैसे निकाल कर नूरानी मस्जिद के पास पहुंचे थे। वहां पर आए दो लड़कोें ने उन्हें रोका और गाली दी। विरोध करने पर आरोपी उसे चाकू की नोक पर पास के जंगल में ले गए। इसके बाद आरोपियों ने कुकर्म किया और उनसे 2500 रुपये लूटकर भाग गए। संवाद