कोरोना से ग्रस्त होकर मरे कर्मचारियों के परिजनों को नौकरी देने के संबंध में एक सवाल पर मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान उनके बीच बात इतनी बढ़ गई कि भाजपा के विधायकों ने सदन का बहिष्कार कर दिया। हालांकि, वे प्रश्नकाल के बाद वापस सदन में आ गए।
विजेंद्र गुप्ता ने कोरोना के कारण मरे शिक्षकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये और करूणामूलक आधार पर नौकरी देने के बारे में प्रश्न पूछा था। इस संबंध में संबंधित विभाग ने बताया कि एक करोड़ रुपये तो दिए गए है, लेकिन दिल्ली सरकार की कैबिनेट के निर्णय अनुसार करूणामूलक आधार पर नौकरी का कोई प्रावधान नहीं है। इस बारे में मनीष सिसोदिया ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया, मगर विजेंद्र गुप्ता उन्हें कटघरे में खड़ा करने में लग गए। इस बीच मनीष सिसोदिया ने विजेंद्र गुप्ता से कहा कि दिल्ली सरकार करूणामूलक आधार पर नौकरी देने के लिए तैयार है, लेकिन यह अधिकारी उपराज्यपाल एवं केंद्र सरकार ने उनसे छिन रखा है। इस बीच दोनों पक्षों के विधायकों ने आरोप प्रत्यारोप करना शुरू कर दिया। तभी भाजपा विधायकों ने सदन का बहिष्कार कर दिया।
बाबरपुर क्षेत्र का नाम बदलने की मांग की
दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायक अजय महावर ने बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र का नाम बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाबर एक आक्रांता था। इस कारण उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबरपुर क्षेत्र का नाम पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर किया जाए। वहीं, भाजपा विधायक अभय वर्मा ने लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर शकरपुर-लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन करने की मांग की।