तिहाड़ जेल में अंकित गुर्जर की हत्या की शुरूआती जांच में पता चला है कि उप अधीक्षक को थप्पड़ मारने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने अंकित की कथित पिटाई की थी। जिसके अगले दिन वह अपने सेल में अचेत अवस्था में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पिटाई की वजह से उसकी मौत होने की पुष्टि हुई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान जेल में बंद कई कैदियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। जिसमें यह बात सामने आई है कि जेल कर्मचारियों ने अंकित की पिटाई की थी। तलाशी के दौरान अंकित के पास से मोबाइल फोन मिलने के बाद उसे जेल के दूसरे सेल में स्थानांतरित किया जा रहा था। वह दूसरे सेल में नहीं जाना चाहता था।
इस बात को लेकर उसने जेल के उप अधीक्षक को थप्पड़ मार दिया था। जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। हालांकि देर रात को अंकित को दूसरे सेल में भेज दिया गया था। जहां चार अगस्त की सुबह में वह अचेत अवस्था में मिला। साथ ही उसके सेल में रहने वाले दो अन्य कैदी घायल अवस्था में मिले।
गुर्जर कई आपराधिक मामलों में शामिल था। जिसमें एक भाजपा नेता की हत्या भी शामिल है। अंकित के परिवार वालों ने जेल उप अधीक्षक सहित जेल के चार कर्मचारियों पर पैसे के लिए परेशान करने और उसकी पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप लगाया। जिसके बाद जेल प्रशासन ने उप अधीक्षक समेत चार कर्मचारियों को पहले जेल नंबर दो से मुख्यालय में भेजा और फिर कथित लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया।