नई दिल्ली। अदालत ने 350 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव अग्रवाल को जमानत दे दी। अग्रवाल मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी के लिए काम करता है। अदालत ने कहा आरोपी को अनिश्चित काल के लिए हिरासत में नहीं रखा जा सकता।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश संजय गर्ग ने राजीव अग्रवाल जमानत प्रदान करते हुए कहा कि आरोपी करीब 95 दिन से हिरासत में है। अदालत ने कहा आरोपी के खिलाफ लगाया आरोप यदि साबित होता है तो सात साल तक की सजा हो सकती है। फिलहाल मामले में जांच चल रही है। निकट भविष्य में मुकदमा शुरू होने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में वह जमानत का हकदार है।
यह धन शोधन का मामला 17 अगस्त की सीबीआई प्राथमिकी के बाद दर्ज किया गया था। सीबीआई ने रतुल पुरी, उनके पिता दीपक पुरी, मां नीता (नाथ की बहन) और अन्य पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दायर 354 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले के संबंध में केस दर्ज किया था।
वहीं, ईडी ने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड ने व्यापारिक उद्देश्यों के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी धन का दुरुपयोग और दुरुपयोग किया। एजेंसी ने कहा कि जांच के दौरान, यह पता चला था कि न केवल मेसर्स मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड बल्कि उसकी सहायक कंपनियों ने भी ऋण लिया था और पुनर्भुगतान में चूक की थी।