केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बीते 24 घंटे में दिल्ली का एक्यूआई 363 रहा। इससे एक दिन पहले यह 367 रिकॉर्ड किया गया था। एनसीआर में केवल गाजियाबाद की हवा 290 एक्यूआई के साथ खराब श्रेणी में रही है।
मौसमी दशाओं का साथ न देने की वजह से लगातार बीते तीन दिनों से खराब चल रही दिल्ली-एनसीआर की हवा में गुरुवार से सुधार होने की संभावना है। हवा की रफ्तार, मिक्सिंग हाइट व वेंटिलेशन इंडेक्स का स्तर बढ़ने की वजह से अगले दो दिनों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब से खिसकर औसत श्रेणी में पहुंच सकती है। इससे दिल्ली-एनसीआर वासियों को राहत की कुछ सांस मिल सकती है। वैसे कल के मुकाबले आज दिल्ली के एक्यूआई में गिरावट दर्ज की गई है।
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वायु मानक संस्था सफर के मुताबित, हवाओं की दिशा उत्तर-पश्चिम की ओर बनी हुई है। लेकिन, रफ्तार कम होने की वजह से प्रदूषकों को फैलने में मदद नहीं मिल रही है। आगामी 15 और 16 दिसंबर से हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी व प्रदूषकों को फैलने में मदद मिलेगी। इससे दिल्ली वासियों को प्रदूषित हवा से कुछ राहत मिलने की संभावना है। बीते 24 घंटे में हवा में पीएम 10 का स्तर 284 व पीएम 2.5 का स्तर 168 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बुधवार को हवा की रफ्तार पांच से 10 किमी प्रतिघंटा व मिक्सिंग हाइट 1200 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 3700 वर्ग मीटर रहा। आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों के भीतर इन सभी घटकों में वृद्धि होगी। इस कड़ी में अगले 24 घंटे में हवा की रफ्तार पांच से 12 किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट 1300 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहने का अनुमान है। वहीं, शुक्रवार को हवा की रफ्तार आठ से 15 किमी प्रति घंटा, मिक्सिंह हाइट 1750 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 1340 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया जा सकता है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बीते 24 घंटे में दिल्ली का एक्यूआई 363 रहा। इससे एक दिन पहले यह 367 रिकॉर्ड किया गया था। एनसीआर में केवल गाजियाबाद की हवा 290 एक्यूआई के साथ खराब श्रेणी में रही है। इसके अलावा सभी शहरों की हवा बेहद खराब दर्ज हुई। गौरतलब है कि बीते तीन दिनों से लगातार हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की सुस्त चाल की वजह से प्रदूषकों को बढ़ने में मदद मिल रही है।