एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि यह भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण है, सिर्फ इसलिए नहीं कि एक अरब वैक्सीन लगी हैं बल्कि ये सभी वैक्सीन भारत में ही बनी थीं। यह उन लोगों को प्रेरित करेगा जिन्होंने अभी वैक्सीन नहीं लगवाई है। यह उपलब्धि इसका सबूत है कि यह वैक्सीन सुरक्षा और प्रभावी है।
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए गुरुवार को 100 करोड़वां टीका लगाया गया। इस मौके पर देशभर में खुशियां मनाने के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई दी जा रही है। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भी खुशियां मनाई गईं। इस दौरान एम्स को फूलों से सजाया गया। अस्पताल में दरवाजों पर फूलों के बंदनवार लटकाए गए और फूलों की रंगोली बनाई गई।
देश में कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीनेशन की प्रक्रिया 16 जनवरी से शुरू हुई थी। तब से अब तक (278 दिनों में) 100 करोड़ लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगाई जा चुकी है।