महज मीटिंग में शामिल नहीं होने पर दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन ने तुगलकी फरमान सुना डाला। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने कई सब-इंस्पेक्टर को खरी खोटी सुनाई। वहीं महिला समेत चार सब-इंस्पेक्टर को सजा सुना दी। हाल ही में ट्रेनिंग खत्म दिल्ली पुलिस में शामिल हुई महिला एसआई को निलंबित कर दिया।
मीटिंग का समय बार-बार आगे बढ़ाया जा रहा था। इस वजह से एसआई में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त का ये तुगलकी फरमान जिले में जोरों से चर्चा का विषय बना हुआ है।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले के अतिरिक्त पुलिस पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन ने हौजखास थाने में तैनात सभी सब-इंस्पेक्टर की सोमवार को एनसीआरबी की मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग का समय दोपहर 12 बजे रखा गया था। बाद में मीटिंग को 12 बजे रद्द कर समय को आगे बढ़ा दिया गया।
इसके बाद मीटिंग का समय कई बार आगे बढ़ाया गया। आखिरकार मीटिंग शाम पांच बजे रखी गई। इस मीटिंग में हौजखास थाने में तैनात एसआई तालिब खान, एसआई जितेन्द्र, महिला पीएसआई अर्चना और अमरेंद्र धनकर समेत कई एसआई सरकारी कार्य व व्यक्तिगत कारणों से मीटिंग में नहीं हो पाए। एसआई के मीटिंग में न आने के कारण अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आग बबूला हो गए।