लाल किले पर प्रदर्शन करते किसान
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26 जनवरी की किसान हिंसा दिल्ली के इतिहास में इस तरह दर्ज हो गई है कि उसे कभी भुलाया जा नहीं सकता। किसान हिंसा में एक किसान की मौत हुई थी और 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। मगर देश को शर्मसार करने वाली घटना इसी दिन घटी थी। किसान के एक समूह ने लाल किले की प्राचीर पर धार्मिक झंडा पहरा दिया था। 26 जनवरी को किसान हिंसा को लेकर कुल 75 एफआईआर दर्ज हुई थीं।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 26 जनवरी को किसानों को 42 शर्तों के साथ तय मार्गों पर ही ट्रैक्टर रैली निकालने की अनुमति दी गई थी। मगर किसान ने पुलिस की शर्तें नहीं मानी। किसान आईटीओ व लाल किले पर पहुंच गए। यहां पर किसानों ने जमकर उत्पात मचाया था। आईटीओ के पास डीडीयू मार्ग पर टैक्टर पलटने से यूपी के एक किसान की मौत हो गई थी। लालकिले पर आंदोलनकारी किसान हिंसक हो गए थे। किसान ने पुलिसकर्मियों पर तलवार व डंडे आदि से हमला कर दिया था। पुलिसकर्मियों ने काफी गहरी खाई में कूदकर अपनी जान बचाई थी। खाई में कूदने से पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर टूट गए थे। किसानों के एक समूह ने लाल किले की प्राचीर पर धार्मिक झंडा फहराने के साथ-साथ लाल किले से ऐतिहासिक चीजें ले गए थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 26 जनवरी को दिल्ली में लालकिले व आईटीओ समेत कई जगहों पर हुई हिंसा को लेकर कुल 75 एफआईआर दर्ज हुई थीं। इनमें से करीब 54 एफआईआर की जांच स्थानीय थाना पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंप दी गई थीं। दिल्ली पुलिस ने इन एफआईआर में आरोपी 183 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें पंजाब के अभिनेता दीप सिद्धू भी शामिल था। हालांकि, ज्यादातर एफआईआर में चाजशीट दाखिल हो चुकी है और आरोपियों को जमानत मिल चुकी हैं।
पूछताछ में शामिल नहीं हुए किसान नेता
किसान हिंसा को लेकर किसान नेताओं को कई एफआईआर में नामजद किया गया था। दिल्ली पुलिस ने इन किसान नेताओं को पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किया था। कुछ नेताओं को दो से तीन बार नोटिस जारी किए गए थे। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि किसान हिंसा को लेकर किसान नेताओं समेत करीब 400 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। मगर बड़े किसान नेता से अभी तक पूछताछ नहीं हुई है।