आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने जाली पासपोर्ट के जरिए लोगों को विदेश भेजने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के बांग्लादेशी सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो बांग्लादेशी नागरिक हैं, जिन्हें गैंग के सदस्य फर्जी भारतीय पासपोर्ट व वीजा के जरिए विदेश भेज रहे थे।
पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 15 फर्जी इमीग्रेशन स्टाम्प, दो कम्प्यूटर, 27 फर्जी पासपोर्ट, जिसमें 13 भारतीय, 12 बांग्लादेशी और 2 नेपाल का पासपोर्ट, 12 चेकबुक और दो बैंक खाता पासबुक बरामद किया है। एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त विक्रम पोरवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बांग्लादेश निवासी फोजिल रब्बी शिपोन, सहिदुल शेख, अख्तौजमां तलुकदार, द्वारका निवासी विभोर सैनी, पश्चिम बंगाल निवासी सौरव घोष उर्फ बशीर और बुराड़ी निवासी फहीम खान के रूप में हुई है।
11 सितंबर को एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने संदिग्ध रूप से टर्मिनल तीन पर घूम रहे तीन यात्रियों सहिदुल शेख, फोजिल रब्बी शिपोन और अख्तौजमां तलुकदार को शक के आधार पर पकड़ा। पूछताछ में तीनों ने बताया कि वह दोहा जाने के लिए एयरपोर्ट पर आए हैं। लेकिन कागजात की जांच करने पर उनके कब्जे से तीन फर्जी भारतीय पासपोर्ट और एक बांग्लादेशी पासपोर्ट का फोटो कॉपी मिला।
यात्रियों ने पूछताछ में पता चला कि सहिदुल शेख और फोजिल रब्बी शिपोन बांग्लादेशी नागरिक हैं और बांग्लादेश में मजदूरी करते हैं। दिल्ली आने पर उनकी मुलाकात एजेंट अख्तौजमां तलुकदार से हुई। जिसने उन्हें फर्जी कागजात के जरिए सर्बिया भेजने के लिए एक से दो लाख और दूसरे से ढाई लाख रुपये लिए। एजेंट ने सहिदुल शेख का सलाम सरदार के नाम से भारतीय पासपोर्ट का इंतजाम किया।
एजेंट अख्तौजमां तलुकदार भी पुलिस गिरफ्त में था। पुलिस ने उसके सराय कालेखां स्थित घर पर छापा मारा और वहां से भारी संख्या में फर्जी पासपोर्ट, स्टाम्प और अन्य सामान बरामद किए। अख्तौजमां तलुकदार ने बताया कि वह एक अन्य एजेंट बशीर, कुली-उर-रहमान, फहीम खान और विभोर की मदद से लोगों को विदेश भेजता है। पुलिस ने उसके निशानदेही पर बशीर, विभोर और फहीम खान को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सैकड़ों लोगों को विदेश भेज चुके हैं। इनके एंबेसी और पासपोर्ट कार्यालय में संपर्क हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इसमें संलिप्ता पाए जाने पर और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।