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दिल्ली: फर्जी आईएएस अधिकारी बन रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 लोगों से की 2.44 करोड़ की ठगी, तीन गिरफ्तार

Sun, 19 Sep 2021 04:38 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुलिस के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद रागीब फिरोज ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है। उन्होंने मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री और पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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आर्थिक अपराध शाखा ने रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से करोड़ों की ठगी करने के मामले में गैंग के एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गैंग के सदस्य 40 पीड़ितों से 2.44 करोड़ की ठगी कर चुके हैं। गैंग के सदस्य पीड़ितों का फर्जी मेडिकल जांच और देहरादून में तीन माह की ट्रेर्निंग देकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र सौंप देते थे। पीड़ित जब उनके बताए जगह पर जाते थे तो पता चलता था कि उनके साथ फर्जीवाड़ा हुआ है। 

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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा यूपी निवासी फिरोज खान (43) के रूप में हुई है। 40 शिकायतकर्ताओं ने जनवरी 2021 में शाखा में कुछ लोगों के खिलाफ भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा पर ठगी करने की शिकायत की। जिसमें बताया कि एक आरोपी खुद को आईएएस अधिकारी के रूप में शिकायतकर्ताओं से मिला। जबकि अन्य ने शिकायत के लिए फर्जी चिकित्सा परीक्षा आयोजित करने के साथ साथ देहरादून में तीन महीने का नौकरी प्रशिक्षण को आयोजित किया। आरोपियों ने 40 पीड़ितों से इसके एवज में कुल 2.44 करोड़ रुपये लिए और उन्हें नियुक्ति सह प्रशिक्षण पत्र सौंप दिया। नियुक्ति पत्र लेकर पीड़ित डीआरएम कार्यालय, टाटा नगर, जमशेदपुर रिपोर्टिंग कार्यालय पहुंचे जहां पता चला कि रेलवे बोर्ड ने कभी ऐसी कोई रिक्तियां जारी नहीं की। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ितों ने शाखा में शिकायत की। 

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शिकायतकर्ताओं के पास आरोपियों के मोबाइल नंबर के अलावा उनके बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी। उन लोगों ने बताया कि आरोपी उनसे पहाडग़ंज स्थित होटल और रेलवे भवन में मिले थे। सभी पीड़ित गरीब परिवार से हैं और आगरा, हाथरस और पटना के रहने वाले हैं। तकनीकी जांच करने के बाद पुलिस ने बृज किशोर और सचिन को गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपियों से पूछताछ में फिरोज खान के मामले में शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस को तकनीकी जांच से पता चला कि वह ग्रेटर नोएडा इलाके में मौजूद है। जिसे पुलिस ने शनिवार को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। फिरोज खान मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर है और पत्रकारिता और जनसंचार में डिप्लोमा कर चुका है। जांच में पता चला है कि फिरोज ठगी के इस मामले में पीड़ितों से धन वसूली, नियुक्ति, प्रशिक्षण आदि के संबंध में विभिन्न प्रपत्र भरने सहित अन्य गतिविधियों में शामिल रहा है। 
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