चूंकि, 18 से 59 वर्ष वालों को यह खुराक सिर्फ प्राइवेट केंद्रों पर ही उपलब्ध हो सकती है, ऐसे में पहले दिन गिनी-चुनी जगहों को छोड़ अन्य कहीं भी लोगों को यह खुराक नहीं मिल पाई। जिन लोगों ने कोवाक्सिन की दो खुराक ली थीं उन्हें तीसरी खुराक मिल गई, लेकिन कोविशील्ड की दो खुराक लेने वालों को एहतियाती खुराक नहीं मिल पाई।
रविवार को राजधानी में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों को एहतियाती खुराक मिलना शुरू हुई। चूंकि, 18 से 59 वर्ष वालों को यह खुराक सिर्फ प्राइवेट केंद्रों पर ही उपलब्ध हो सकती है, ऐसे में पहले दिन गिनी-चुनी जगहों को छोड़ अन्य कहीं भी लोगों को यह खुराक नहीं मिल पाई। जिन लोगों ने कोवाक्सिन की दो खुराक ली थीं उन्हें तीसरी खुराक मिल गई, लेकिन कोविशील्ड की दो खुराक लेने वालों को एहतियाती खुराक नहीं मिल पाई।
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क्योंकि, कंपनी और अस्पतालों के बीच टीका की कीमत को लेकर बातचीत नहीं हो पाई थी। स्थिति यह रही कि शाम पांच बजे तक दिल्ली में केवल 241 लोगों को ही एहतियाती खुराक लग पाई। हालांकि, रविवार शाम को लिखित जानकारी आने के बाद नई दिल्ली स्थित अपोलो, फोर्टिस अस्पताल, मैक्स, बीएलके, मूलचंद, द्वारका स्थित आकाश, वेंक्टेश्वर इत्यादि अस्पतालों ने सोमवार से विधिवत टीकाकरण शुरू करने की जानकारी दी है। दिल्ली में कोविशील्ड या फिर कोवाक्सिन दोनों की एहतियाती खुराक प्राइवेट केंद्रों पर 386 रुपये में उपलब्ध होगी।
पहले दिन यहां मिली एहतियाती खुराक
रविवार को दिल्ली के मणिपाल अस्पताल में एहतियाती खुराक का टीकाकरण शुरू हुआ। यहां करीब 12 लोगों को देर शाम तक यह खुराक दी गई। यह सभी कोवाक्सिन से जुड़े थे जिन्हें दूसरी खुराक लिए नौ माह पूरे हुए थे। इसी तरह नई दिल्ली स्थित स्टार इमेजिंग और पैथलैब में भी एहतियाती खुराक का टीकाकरण हुआ। यहां दिन भर में करीब 15 लोगों को खुराक दी गई। इसी तरह कुछ और अस्पतालों में भी एहतियाती खुराक का टीका लगाया गया लेकिन बड़े अस्पतालों में पहले दिन टीकाकरण नहीं हुआ।