वैक्सीन लगवाने के लिए बच्चों को सिर्फ 10वीं का पहचान पत्र दिखाना ही काफी होगा। जो बच्चे साल 2007 या उससे पहले जन्मे हैं वह कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन की खुराक ले सकते हैं। यह जानकारी देते हुए कोविन प्रमुख डॉ. आरएस शर्मा ने बताया कि कई बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है।
इनकी आयु 15 से 18 वर्ष के बीच है। ऐसे में इनके पास पहचान पत्र भी नहीं हो सकता है। इसीलिए स्कूल के पहचान पत्र को टीकाकरण से जोड़ा गया है। यह 10वीं कक्षा का पहचान पत्र हो सकता है। इसके अलावा एक जनवरी से बच्चों को वैक्सीन का अपॉइनमेंट भी मिलने लगेगा।
वहीं तीन जनवरी से टीकाकरण शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन केंद्रों पर वर्तमान में वैक्सीन मिल रहा है वहां बच्चों को भी वैक्सीन मिलेगा। व्यस्कों की तुलना में बच्चों के टीकाकरण को लेकर प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दरअसल हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों के टीकाकरण की घोषणा की है लेकिन दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक लिखित तौर पर उन्हें जानकारी नहीं मिली है। न ही बच्चों के टीकाकरण से जुड़े दिशा निर्देश केंद्र की ओर से प्राप्त हुए हैं।