दिल्ली एनसीआर में 100 फीसदी तक वैक्सीनेशन हो चुका है। वहीं बड़ी संख्या में लोग एतिहायिती डोज लगा चुके हैं, लेकिन उनकी संख्या काफी कम है। कोविन एप के अनुसार दिल्ली में अभी तक 37363808 डोज लग चुकी है।
कोरोना महामारी के दौरान लोगों में विकसित हुई हर्ड इम्युनिटी नए वेरिएंट पर प्रभावी है। वहीं, दिल्ली- एनसीआर में 100 फीसदी लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। बड़ी संख्या में लोग एहतियात डोज भी लगा चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का दावा है कि कोरोना के नए वेरिएंट का असर ज्यादा प्रभावी नहीं होगा। करीब पांच दिन पहले देश में मिले ओमीक्रोन के वेरिएंट बीएफ.7 के मरीजों में गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिले।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के वरिष्ठ महामारी विशेषज्ञ डॉ. संजय राय ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से कोरोना का वेरिएंट ओमीक्रॉन लगातार रूप बदल रहा है, लेकिन भारत में इसका प्रभावी रूप देखने को नहीं मिला।
देश में अधिकतर लोग कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं, जिससे उनमें हर्ड इम्यूनिटी बन चुकी है, जो नए वेरिएंट से लड़ने में प्रभावी है। हालांकि कोरोना के सभी वेरिएंट की निगरानी करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में वायरस के कारण हमें किसी गंभीर समस्या का सामना करने की आशंका नहीं दिखती।
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वहीं, जीटीबी अस्पताल के निदेशक डॉ. सुभाष गिरी ने कहा कि हर्ड इम्युनिटी व वैक्सीनेशन के कारण लोगों की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावी है। अस्पताल में कोरोना के लक्षण के साथ बड़ी संख्या में मौसमी बीमारी के मरीज पहुंच रहे हैं। उनकी कोरोना जांच भी की जा रही है, लेकिन जांच में बहुत कम संख्या में कोविड पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं। हम उम्मीद कर सकते है कि 15 जनवरी तक यह मामले तेजी से घटने शुरू हो जाएंगे।
दिल्ली-एनसीआर में हो चुका 100 फीसदी वैक्सीनेशन
दिल्ली एनसीआर में 100 फीसदी तक वैक्सीनेशन हो चुका है। वहीं बड़ी संख्या में लोग एतिहायिती डोज लगा चुके हैं, लेकिन उनकी संख्या काफी कम है। कोविन एप के अनुसार दिल्ली में अभी तक 37363808 डोज लग चुकी है।