दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि मूलत भागवत विहार कॉलोनी, गोवर्धन रोड, मथुरा, उत्तर प्रदेश निवासी रामगोपाल दिल्ली परिवहन निगम में बतौर बस चालक तैनात हैं। वह दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उपायुक्त ने बताया कि डीटीसी बस चालक के साथ मारपीट और उसके अपहरण के संबंध में 22 सितंबर को सुबह 7.18 बजे एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। रामगोपाल ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि 22 सितम्बर को उसकी ड्यूटी मयूर विहार से धौला कुआं के बीच चलने वाले रूट संख्या 611 बस पर थी। सुबह करीब 7 बजे वह बस लेकर जा रहा था।
इसी दौरान जब वह बस लेकर बस स्टैंड सफदरजंग अस्पताल के गेट संख्या-7 पास पहुंची, तो एक वैगन-आर कार हॉर्न बजाते हुए बस को बाईं ओर से गलत दिशा से ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी। जबकि स्टॉप के लिए बस को बाएं मुडऩा था। इससे कार और बस की टक्कर हो गई। जिसके बाद कार चालकों ने बस को जबरन रोका और कार से उतर कर बस में घुस गए। आरोपियों ने बस चालक रामगोपाल के साथ जमकर मारपीट करना शुरू कर दिया। रास्ते में, मोहम्मद शारिक और अकबर अली जो उसके साथ पिछली सीट पर बैठे थे, ने उसके साथ मारपीट की।
मारपीट होता देख सवारियां उतरकर भागीं
आरोपी जिस तरह चालक के साथ मारपीट कर रहे थे उससे बस में बैठी सवारियां डर गईं। बस में महिलाएं भी बैठी थीं। डर के चलते सभी बस से उतरकर दूर जाकर खड़ी हो गईं। आरोपियों ने पीडित का अपहरण कर लिया। वह पीडि़त को आईएनए मार्केट, इंडिया गेट जैसे अति सुरक्षित इलाके में घुमाते रहे।
चालक ने लगाई गुहार
रामगोपाल के साथ कार में भी मारपीट की गई। उसने आरोपियों के साथ गुहार लगाई कि वह उनके नुकसान की भरपाई कर देगा। इसके बाद आरोपी उसे सफदरजंग एंक्लेव थाने लेकर पहुंचे। थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।